सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता मामले में सरकार की ओर से दायर की गई पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिसंबर अपने फैसले में समलैंगिकता को अपराध माना था।
समलैंगिकता भारत में अपराध: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की ओर से समलैंगिकता को अपराध मानने वाले फैसले पर दायर की गई पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 को सही करार दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2013 में दिए अपने फैसले को कायम रखते हुए इसे अपराध माना है।
सरकार ने दायर की थी याचिका
समलैंगिक संबंधों को अवैध करार देने वाले कानून को सही ठहराने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
गे सेक्स अप्राकृतिक: राजनाथ सिंह
सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में समलैंगिकता को गुनाह बताया था। अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के वर्ष 2009 के फैसले को पलटकर 1861 के इस कानून को वैध करार दिया था।
लगातार ख़बरों से अपडेट रहने के लिए खबरज़ोन फेसबुक पेज लाइक करें










