Crime राज्य

कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपी खालिद सैफी को दी जमानत, पुलिस के सबूतों को दुरुस्त नहीं माना

0
Please log in or register to do it.

नई दिल्ली: दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दंगों (Delhi Riots) के आरोपी खालिद सैफी (khalif Saifi) को जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि खालिद सैफी के खिलाफ महत्वहीन सामग्री के आधार पर तैयार किए गए आरोपपत्र में पुलिस ने कोई दिमाग नहीं लगाया और बदले की भावना तक चली गई। 
कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले में पुलिस पर कड़ी टिप्पणियां की। खालिद सैफी को जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा कि, इस केस में नाकाफी सुबूतों के आधार पर आरोपी को चार्जशीट करने में पुलिस ने अपना दिमाग नहीं लगाया जो दिखाता है कि पुलिस ने बदले की भावना के तहत कार्यवाही की है। अदालत ने सिर्फ गवाह के बयान की बुनियाद पर दिल्ली दंगों की साजिश के सबूत के तौर पर मानने से इनकार कर दिया।
मामले में एक गवाह ने बयान दिया था, मुख्य साजिशकर्ता मुजलिम ताहिर हुसैन को जामिया नगर में एक जगह ड्रॉप किया और उसी बिल्डिंग में खालिद सैफी और उमर खालिद को भी जाते हुए देखा था। कोर्ट ने 27 सितंबर को दिए गए बयान को भी काफी नहीं माना। एडिशनल सेशन जज विनोद यादव ने खालिद को 20,000 के बांड पर जमानत दे दी। खालिद को अभी FIR 59 (UAPA) में जेल में ही रहना होगा।
अदालत ने कहा कि यदि खालिद सैफी ही मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन को बैठक में ले गया था तब सैफी को भी ताहिर हुसैन की तरह अन्य 10 मामलों में सह-आरोपी बनाया जाना चाहिए था, जो मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि गवाह का बयान 27 सितंबर को दर्ज किया गया जो अपने आप में इसकी विश्वसनीयता को दर्शाता है।
बताते चलें कि, नागरिकता कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच संघर्ष के बाद 24 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार इलाकों में सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे। इस हिंसा में कम से कम 53 लोगों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

लगातार ख़बरों से अपडेट रहने के लिए खबरज़ोन फेसबुक पेज और ट्विटर पेज पर फॉलो करें



करतारपुर कॉरिडोर: PAK के कदम का भारत ने किया विरोधा, कहा- उजागर हुई इमरान सरकार की असलियत
अरविंद केजरीवाल का दिल्ली वासियों से अपील, कहा- इस दिवाली न जलाए पटाखे

Your email address will not be published. Required fields are marked *