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दिल्ली कैबिनेट ने पास किया ‘दिल्ली लोकपाल बिल 2014’

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दिल्ली कैबिनेट ने पास किया ‘दिल्ली लोकपाल बिल 2014’ - Image 1

दिल्ली कैबिनेट ने पास किया ‘दिल्ली लोकपाल बिल 2014’ - Image 1

नई दिल्ली। दिल्ली में जनलोकपाल बिल को अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट ने मंज़ूरी दे दी है। अब ये बिल विधानसभा में पेश होगा। हालांकि ख़बरें आ रही हैं कि केजरीवाल सरकार इस बिल को केंद्र को नहीं भेजेगी, जिसे संविधान विशेषज्ञ असंवैधानिक मान रहे हैं। 


सोमवार को दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने दिल्ली जनलोकपाल बिल 2014 को मंज़ूरी दे दी। इसके बारे में जानकारी देते हुए मंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि ये बिल देश में बाकी लोकायुक्त बिलों से मज़बूत है और इसमें मुख्यमंत्री से लेकर चपरासी तक को एक ही प्रक्रिया के तहत जांच के दायरे में लिया जा सकता है। 
सिसोदिया ने इसे दिल्ली के लिए ऐतिहासिक फ़ैसला करार देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली जनलोकपाल बिल को पास किया है, जिसके तहत दिल्ली में मुख्यमंत्री से लेकर सरकारी दफ़्तरों में चपरासी भी आएंगे और इसमें किसी को भी कोई अलग से ख़ास प्रक्रिया नहीं दी जाएगी। 
लोकपाल के बारे में और जानकारी देते हुए मनीष ने पत्रकारों को बताया कि 10 सदस्यों का लोकपाल का पैनल होगा जिसके चयन समिति में 7 लोग होंगे। 7 लोगों की चयन समिति में दो राजनीतिज्ञ होंगे जिसमें एक मुख्यमंत्री होगा और दूसरा विपक्ष के नेता होंगे। 
उन्होंने ये भी जानकारी दी कि पहली बार इस क़ानून के तहत देश में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठानेवालों को क़ानूनी रक्षा दी जाएगी। व्हिसलब्लोअर को लीगल प्रोटेक्शन दिया जाएगा। साथ ही ईमानदार अधिकारियों को रिवार्ड देने के लिए सरकार पॉलिसी बनाएगी। 
सज़ा के बारे में बताते हुए सिसोदिया ने कहा कि इस क़ानून के तहत बेहद संगीन मामलों में उम्र क़ैद तक की सज़ा का प्रावधान होगा। और अगर भ्रष्टाचार से कोई कारोबारी सरकार को जितना नुकसान पहुंचाएगा उसके 5 गुने तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है, 
मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली जनलोकपाल 2014 के तहत बननेवाले लोकपाल का कार्यकाल 7 साल का होगा 
दिल्ली जनलोकपाल बिल को केंद्र के पास नहीं भेजा जाएगा, विधानसभा में भेजा जाएगा और विशेष सत्र बुलाते हुए 13-16 फरवरी के बीच इंदिरा गांधी स्टेडियम में इसे पेश किया जाएगा। 
सिसोदिया से जब पूछा गया कि केंद्र को न भेजकर सीधे विधानसभा में पेश करना असंवैधानिक होगा तो उन्होंने कहा कि इसे केंद्र को भेजने की ज़रुरत नहीं है।

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