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BREAKING: लक्ष्मीकांत की कुर्सी छीनी, धर्मपाल होंगे यूपी भाजपा अध्यक्ष

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BREAKING: लक्ष्मीकांत की कुर्सी छीनी, धर्मपाल होंगे यूपी भाजपा अध्यक्ष - Image 1
BREAKING: लक्ष्मीकांत की कुर्सी छीनी, धर्मपाल होंगे यूपी भाजपा अध्यक्ष - Image 1
लखनऊ। ऐसा लग रहा है जैसे गत दो राज्यों के चुनावों से सबक लेते हुए भाजपा उत्तर प्रदेश में कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। भाजपा ने प्रदेश में भारी फेरबदल का मन बनाते हुए आंवला से भाजपा विधायक धर्मपाल सिंह का नाम नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में तय कर लिया गया है, लेकिन अभी घोषणा बाकी है। हाल ही में दिल्ली में हुई बैठक में इस पर अंतिम फैसला ले लिया गया है। भाजपा के उच्च सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 24 जनवरी को होना तय था। इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष पद की औपचारिक घोषणा की जाएगी। दिल्ली के मंथन मेें भाजपा संगठन की कमान पिछड़े वर्ग को सौंपने पर सहमति बनी उसके बाद धर्मपाल सिंह के नाम पर मुहर लगी। इसको लेकर दिल्ली में केन्द्रीय नेतृत्व उनसे बुलाकर चर्चा भी कर चुका है। अब अगले हफ्ते की किसी भी तारीख को घोषणा हो सकती है।
गौरतलब हो कि सोशल मीडिया पर शनिवार को धर्मपाल सिंह को शाम छह बजे भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की खबर चलने के बाद पूरी पार्टी में हलचल मच गई थी। धर्मपाल सिंह को बधाइयां भी मिलने लगीं। इससे परेशान धर्मपाल सिंह ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि सोशल मीडिया पर कौन लोग उनके भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने की खबरें चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि 24 जनवरी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। इसलिए अभी से इस बारे में कोई टिप्पणी करना उचित नहीं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के करीबी होने पर उन्होंने कहा कि वह पार्टी में हर एक बड़े नेता के नजदीक रहे हैं।
खबरज़ोन के सूत्रों के मुताबिक इस बार भाजपा बिहार से सबक लेते हुए उत्तर प्रदेश में पिछड़ी जाति का कार्ड खेलने में कोई हिचक नहीं करना चाहती और पिछड़ी जाति के नेताओं में धर्मपाल सिंह का नाम वरिष्ठ भाजपा नेता कल्याण सिंह के बाद दूसरे स्थान पर आता है। वे आंवला से तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। इनकी गिनती भाजपा के जुझारू नेताओं में होती है। संगठन और पार्टी के प्रति समर्पण भी उन्हें अध्यक्ष बनाने में सहायक हो सकता है। इसके अलावा उन्हें गृहमंत्री राजनाथ सिंह का करीबी माना जाता है। उनकी जो कमी है वे ये है कि उनकी गतिविधियां सिर्फ आंवला विधानसभा क्षेत्र तक सीमित रहती हैं। अब देखना ये है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का ये दांव कितना काम आता है।

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