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व्यास नदी में बहे करीब 25 छात्र

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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में एक बड़ा हादसा हुआ है। मंडी और कुल्लू के बीच ओट नामक जगह पर दो दर्जन के करीब पर्यटकों के ब्यास नदी में बह जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना के वक्त ये पर्यटक व्यास नदी के किनारे टहल रहे थे। बताया जा रहा है कि पानी में बहे पर्यटक आंध्र प्रदेश के हैदराबाद के रहने वाले हैं। इनमें अधिकांश बीएनआर इंजीनियरिंग कॉलेज हैदराबाद के बीटेक के छात्र हैं। थलौट में ब्यास नदी में कम पानी होने के कारण ये सभी लोग फोटो खिंचवाने व नहाने के लिए नदी में उतरे थे। लारजी डैम से अचानक भारी मात्रा में पानी छोडऩे से नदी में उतरे पर्यटकों को संभलने व बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वे तेज बहाव में बह गए। हादसा रविवार देर शाम करीब साढ़े छह बजे हुआ।
हादसे की सूचना मिलते ही मंडी व कुल्लू जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। इस घटना से गुस्साए लोगों ने मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर थलौट में चक्का जाम कर बिजली बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राजमार्ग पर यातायात जाम होने से राहत दल व प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचने पर काफी परेशानी हुई। प्रशासन ने नदी में बह गए पर्यटकों की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर शिमला ने रविवार देर शाम लारजी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रबंधन को विद्युत उत्पादन बंद करने को कहा। प्रोजेक्ट में विद्युत उत्पादन बंद होने तथा ब्यास व पार्वती नदी में अचानक भारी मात्रा में पानी आने से लारजी डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया।
लारजी बांध से रविवार सवा छह बजे 50 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया था। पौने सात बजे बांध के गेट डेढ़ मीटर खोल कर 150 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया। इसके एक घंटे बाद साढ़े चार मीटर गेट खोल कर करीब 450 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया। पानी छोडऩे से पहले सायरन बजाए गए थे मगर पर्यटकों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया क्योंकि वे फोटो खींचने में व्यस्त थे। 
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