वाईब्रेंट गुजरात में 11 रुपया कमाने वाला गरीब नहीं

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वाईब्रेंट गुजरात में 11 रुपया कमाने वाला गरीब नहीं

नई दिल्ली। जब योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने 32 रुपये शहर में और 26 रूपये गाँव में कमाने वाले को अमिर कहा था, तब केंद

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नई दिल्ली। जब योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने 32 रुपये शहर में और 26 रूपये गाँव में कमाने वाले को अमिर कहा था, तब केंद्र सरकार की बड़ी आलोचना हुई थी। उस वक़्त भाजपा केंद्र सरकार के पीछे हाथ धो के पड़ गयी थी। सभी भाजपा नेता अपने हर मंच और प्रेस कांफ्रेंस में केंद्र सरकार को आड़े हाथों ले रहे थे और कांग्रेस को इसका कोई जवाब नहीं सूझ रहा था।
लेकिन अब भाजपा को मोदी ने निरुत्तर कर दिया है। दरअसल बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी जिस वाईब्रेंट गुजरात के मुख्यमंत्री हैं, वहां गांवों में 324 रुपये और शहर में 501 रुपये से ज्यादा एक महीने में कमाने वालों को गरीब नहीं माना जाता है। यानी 11 रुपये रोज कमाने वाला ग्रामीण गरीबी रेखा से ऊपर माना जाता है। सरकार के फूड ऐंड सप्लाई डिपार्टमेंट की ओर से जारी एक निर्देश में कहा गया है कि शहरी इलाकों में 16 रुपये 70 पैसे रोजाना और ग्रामीण इलाकों में 10 रुपये 80 पैसे रोजाना से कम कमाने वालों को ही बीपीएल कार्ड के योग्य माना जाए। 
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