लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब सभी सरकारी स्कूलों के लिए सर्दियों की छुट्टियां पहले से निर्धारित कर दी गई हैं। पुरानी व्यवस्था में ज़िलाधिकारी हर ज़िले में ठंड को देखते हुए छुट्टियों की तारीख़ स्कूलों को देते थे लेकिन अब ये व्यवस्था बदल दी गई है और शासन की तरफ़ से तारीखें तय की गईं लेकिन इन सब के बीच सरकार उन नौनिहालों के बारे में निर्णय नहीं ले सकी जो आंगनबाड़ी में पढ़ाई करते हैं।
अब कानवेंट स्कूल की तर्ज पर सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सर्दी की छुट्टियां तय कर दी गई हैं जिसके तहत 26 दिसंबर से 10 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेंगे यानी इन स्कूलों में छुट्टियों की शुरुआत एक तरह से 22 दिसंबर से ही शुरू जाएगी क्योंकि 22 दिसंबर को रविवार है, 23 को चौधरी चरण सिंह जयंती, 24 को चेहल्लुम और 25 को क्रिसमस का त्योहार। इसके बाद 26 दिसंबर से 10 जनवरी तक का शीतकालीन अवकाश है। इस दौरान कड़ाके की ठंड रहती है इसलिए शासन ने पहले से तारीखों की घोषणा कर दी लेकिन इन सब के बीच शासन ने बालविकास पुष्टाहार के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को भूल गई जहां 3 से 5 साल तक के छोटे बच्चे पढ़ते हैं।
हालांकि इन केंद्रों के लिए अलग से ज़िलाधिकारी आदेश जारी कर सकते हैं लेकिन सवाल ये है कि अगर शासन ने सभी सरकारी स्कूलों के लिए छुट्टियां निर्धारित कीं तो आंगनबाड़ी केंद्रों को क्यों छोड़ दिया गया?









