ये दिन राज्यसभा में अहम था क्योंकि देश का पक्ष और विपक्ष दोनों एक सुर में लोकपाल बिल पास करना चाहते थे लेकिन दोनों सदनों की कार्यवाही सदन के खुलने
देश का पक्ष और विपक्ष दोनों एक सुर में लोकपाल बिल पास करना चाहते थे लेकिन दोनों
सदनों की कार्यवाही सदन के खुलने के बाद ही स्थगित हो गई। केंद्रीय श्रममंत्री
शीशराम ओला के निधन पर उन्हें संसद में श्रद्धांजलि दी गई और इसके बाद दोनों
सदनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित हो गई।
नहीं हो सकी लेकिन सदन के बाहर इस पर अभी भी बयानों का दौर जारी है। आप भी पढ़िये
किसने लोकपाल पर क्या कहा-
हमारी पार्टी लोकपाल बिल के विरोध
में है। जब तक बेरोज़गारी और महंगाई खत्म नहीं होगी भ्रष्टाचार खत्म नहीं हो सकता।
इस बिल पर आखिरी फैसला पार्टी करेगी। अगर देश का पीएम ईमानदार नहीं हो सकता तो
लोकपाल भी ईमानदार नहीं हो सकता। – नरेश अग्रवाल, नेता, समाजवादी पार्टी
हम लोकपाल बिल का विरोध करेंगे। हम
इस बिल पर चर्चा नहीं होने देंगे। जनलोकपाल आया तो कोई भी सरकार काम करने से डरेगी।-
रामगोपाल यादव, नेता समाजवादी पार्टी
हम लोकसभा में बिना किसी चर्चा के ही
लोकपाल बिल पास कराएंगे। हमें लोकपाल की जरूरत है। हम लोग इसका पिछले कई सालों से
इसका इंतजार कर रहे थे। – फ़ारूख अब्दुल्ला, केंद्रीय मंत्री
हम लोकसभा में बिल का समर्थन करेंगे
और समाजवादी पार्टी से भी समर्थन की उम्मीद करते हैं।– रामविलास पासवान, अध्यक्ष, लोक
जनशक्ति पार्टी

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