नई दिल्ली: बुधवार को उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू (vainkaiah naidu) ने द्वितीय राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह (2nd National Water Awards Ceremony) का
नई दिल्ली: बुधवार को उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू (vainkaiah naidu) ने द्वितीय राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह (2nd National Water Awards Ceremony) का उद्धाटन किया। इस दौरान समारोह में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने देशवासियों से जल संरक्षण (water conservation) की मुहिम को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। इसके लिए हर स्तर के लोगों से आगे आने की अपील की।
इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि, जल संरक्षण पर जन आंदोलन का आह्वान किया गया और इसकी सफलता के लिए लोगों की भागीदारी पर बल दिया गया। लोगों को पानी की एक-एक बूंद की कीमत समझाने और जल संरक्षण हेतु प्रेरित करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।
पानी की बढ़ती जा रही समस्या पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि, यदि हमने व्यर्थ में पानी बहाना बंद नहीं किया और जल संरक्षण का अभियान युद्धस्तर पर शुरू नहीं किया, तो निकट भविष्य में हमें पीने के पानी के भारी संकट का सामना करना पड़ सकता है।
भारत पर गहराता जल संकट
बताते चलें कि, भारत में जल का संकट जनजीवन पर गहराता नजर आ रहा है। वर्ष 2018 में नीति आयोग द्वारा किए गए एक अध्ययन में 122 देशों के जल संकट की सूची में भारत 120वें स्थान पर है। जल संकट से जूझ रहे दुनिया के 400 शहरों में से शीर्ष 20 शहर (चेन्नई पहले, कोलकाता दूसरे, मुंबई 11वां तथा दिल्ली 15वें नंबर पर है) भारत में है। जल संकट के मामले में चेन्नई और दिल्ली जल्द ही दक्षिण अफ्रीका का केप टाउन शहर बनने की राह पर है।
भारत में ग्रामीण इलाकों में जल संकट की गंभीर समस्या के कारण ग्रामीण जनसंख्या पहले से आबादी की मार झेल रहे शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर है, जिससे शहरों में अनियंत्रित जनसंख्या का बोझ बढ़ता जा रहा है। देश के ग्रामीण इलाकों में जल अभाव शहरों की तरफ पलायन की एक बड़ी वजह है।
लगातार ख़बरों से अपडेट रहने के लिए खबरज़ोन फेसबुक पेज और ट्विटर पेज पर फॉलो करें

COMMENTS