लखनऊ। सैफ़ई महोत्सव के ख़िलाफ़ ख़बर दिखा रहे दो न्यूज़ चैनल्स टाइम्स नाउ और इंडिया न्यूज़ को कथित तौर पर अखिलेश यादव पर सीधा हमला करने को लेकर उत्तर प्रदेश में केबल ऑपरेटर्स द्वारा दिखाया जाना बंद कर दिया गया है। कुछ केबल ऑपरेटर्स ने माना इसके लिए उन्हें शासन स्तर से निर्देश मिले हैं।
शनिवार तक इन चैनल्स को बंद करने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया था। हालांकि केबल सर्विसेज़ कंज्यूमर प्रोटेक्शन कमिटी के अध्यक्ष अंबिका प्रसाद ओझा ने कहा कि, “टाइम्स नाउ और इंडिया न्यूज़ का प्रसारण पूरे उत्तर प्रदेश में इसलिए रोक दिया गया क्योंकि सैफ़ई महोत्सव के ख़िलाफ़ ख़बर दिखाये जाने पर सीएम अखिलेश यादव पर आरोप लग रहा था।”
एक केबल ऑपरेटर ने बताया कि दोनों चैनल्स को यूपी के आलाधिकारियों के फोन कॉल्स पर बंद किया गया है। ऐसे ही फ़ोन कॉल्स यूपी के दूसरे शहरों में गये थे। हालांकि ये चैनल्स डीटीएच पर उपलब्ध हैं।
सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि, “ये रोक निंदनीय है और अनावश्यक है। अगर चैनल की ओर से हमारे पास शिकायत आती है तो हम कार्रवाई करेंगे। शिकायत को प्राथमिकता के साथ देखा जाएगा और अगर कुछ ग़ैरक़ानूनी पाया गया, हम ऑपरेटर्स पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।”
उत्तर प्रदेश सरकार मीडिया के निशाने पर है। मीडिया लगातार दिखाता रहा है कि जब मुज़फ़्फ़रनगर में दंगा पीड़ित खुले आसमान से नीचे रहने को मजबूर हैं और शिवरों में ठंड से बच्चों की मौत हो रही है उस वक़्त में प्रदेश सरकार, सपा सुप्रीमो की जन्मस्थली सैफ़ई में करोड़ों रुपये खर्च कर रंगा-रंग कार्यक्रम कर रही थी।
टाइम्स नाउ चैनल ने तो अपनी एक टीम अखिलेश सरकार के उन मंत्रियों और विधायकों के पीछे लगा रखी है जो करदाताओं के पैसों पर यूरोप का टूर करने गये हैं। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट में पाया गया है कि ये नेता वहां जाकर घूम रहे हैं औऱ शॉपिंग करने में व्यस्त हैं।







