पटना। शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना के एक इंस्टीट्यूट में पुस्तक का विमोचन करने पहुंचे थे। लेकिन वहां कुछ ऐसा हुआ जिससे बिहार के मुख्यमं
पटना। शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना के एक इंस्टीट्यूट में पुस्तक का विमोचन करने पहुंचे थे। लेकिन वहां कुछ ऐसा हुआ जिससे बिहार के मुख्यमंत्री बिलकुल निशब्द हो गए। मुख्यमंत्री ने स्वप्न में भी नहीं सोच होगा कि उनके स्वागत के लिए जो लड़कियां वहाँ उपस्थित थीं, उनमे से कोई एक ऐसा सवाल पूछ देगी जिससे वो बगलें झाँकने लगेंगे। हालांकि उसके सवालों को नीतीश कुमार ने शांत चित होकर सुना जैसा कि विपक्षियों के मामले में वे करते हैं।
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को पटना के ए एन सिन्हा इंस्टीच्यूट में एक पुस्तक का विमोचन करने पहुंचे थे। इसमें मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए कुछ लड़कियों मौजूद थीं, इसी में से एक पूनम खातून नाम की लड़की भी थी। जैसे ही स्वागत समारोह समाप्त हुआ उसने मुख्यमंत्री से कहा, आप हमें पहचान नहीं रहे होंगे? आपको याद होगा आप तीन साल पहले फारबिसगंज आए थे। उसने कहा कि वहां आकर आपने कहा था कि कस्तूरबा बालिका विद्यालय को प्लस टू कर दिया जाएगा। तब मैं उसी स्कूल में पढ़ा करती थी। वह अभी तक प्लस टू नहीं हुआ, क्या आप इसका कारण बताएंगे? साथ ही उसने उस वक़्त के कार्यक्रम की तस्वीर भी नीतीश कुमार को सबूत के तौर पर दिखाई।
फिर क्या था, मुख्यमंत्री जी बगलें झांकने लगे जैसे उस लड़की ने उन्हें निशब्द कर दिया हो। लेकिन मुख्यमंत्री ने मामले को संभालते हुए बोले ‘हम इसे देखते हैं।’ साथ ही नीतीश कुमार ने इसे भी अपने सरकार की उपलब्धियों में गिनाते हुए कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि बिहार की बेटियां अब अपनी आवाज बुलंद करनी लगी है। उन्होंने कहा कि यह सब सरकार की शिक्षा में चलाई जा रही योजनाओं का ही फल है।

COMMENTS