नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही सियासी जोड़-तोड़ शुरू हो गई है. अपनी कमजोर स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ने अपने साथी दलों की संख्या बढ़ानी शुरू कर दी है. ख़बरजोन के सूत्रों के मुताविक अभी तक खुद को भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का अगुआ बताने वाले राहुल गांधी, चारा घोटाले में फंसे लालू प्रसाद की पार्टी से गठबंधन करने के लिए सहमत हो चुके हैं. अगर सूत्रों की मानें तो गठबंधन के लिए अंतिम दौर की बैठक करीब-करीब हो चुकी है बस अब औपचारिक घोषणा होना बांकी है.
दरअसल ओपिनियन पोल्स के आने के बाद कांग्रेस को इस बात का अहसास हो गया है कि बिहार में बिना गठबंधन के उसकी स्थिति बेहद खराब हो सकती है. ऐसे में उसके लिए आरजेडी और एलजेपी से हाथ मिलाना काफी जरूरी हो गया है. यही वजह है कि भ्रष्टाचार मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद कांग्रेस लालू से गठबंधन कर रही है. इसके अलावा कांग्रेस अपने नेतृत्व में धर्मनिरपेक्ष दलों को मोदी के खिलाफ एक मंच पर लाना चाहती है.
वैसे कांग्रेस यह भी जानती है कि अगर वह लालू से हाथ मिलाती है तो बीजेपी उस पर निशाना साधने से नहीं चूकेगी. हालांकि कांग्रेस का तर्क है कि वह किसी व्यक्ति विशेष से नहीं बल्कि पार्टी से गठबंधन कर रही है. और वैसे भी लालू खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे. पार्टी को लगता है कि लालू आगामी चुनावों में किंग मेकर साबित होंगे. प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने एलजेपी अध्यक्ष रामविलास पासवास से भी मुलाकात की. दोनों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत भी हुई है.
वरिष्ठ आरजेडी नेताओं ने इस बात की ओर पुष्टि कर दी है कि कांग्रेस और आरजेडी के बीच सीटों का बंटवारा भी हो चुका है. जल्द ही इसका औपचारिक ऐलान हो जाएगा. सूत्रों के मुताबिक बिहार की कुल 40 लोकसभा सीटों में 20-21 सीटों पर आरजेडी, 10-12 सीटों पर कांग्रेस और पासवान की एलजेपी 8 -10 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. वहीँ एनसीपी को भी गठबंधन में शामिल करते हुए तारिक अनवर को बिहार की कटिहार सीट से चुवाव लड़ाएंगे.
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