आखिर रामदेव ने राहुल की क्यूँ की तारीफ़, क्या ये भी भाजपा की रणनीति का हिस्सा है?

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आखिर रामदेव ने राहुल की क्यूँ की तारीफ़, क्या ये भी भाजपा की रणनीति का हिस्सा है?

जम्मू। योग गुरु बाबा रामदेव आज जम्मू में कुछ अलग अंदाज में नजर आए। अक्सर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की धज्जियां उड़ाने वाले रामदेव ने उनकी जमकर

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जम्मू। योग गुरु बाबा रामदेव आज जम्मू में कुछ अलग अंदाज में नजर आए। अक्सर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की धज्जियां उड़ाने वाले रामदेव ने उनकी जमकर तारीफ की। बाबा रामदेव ने राहुल को ईमानदार और निर्दोष बताया। रामदेव ने कहा कि राहुल को कांग्रेस की गलतियों की सजा मिल रही है। बाबा रामदेव ने कहा कि वो व्यक्तिगत तौर पर मानते हैं कि राहुल गांधी ईमानदार हैं। राहुल को कांग्रेस की गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। रामदेव ने कहा कि राहुल निर्दोष हैं। 84 दंगों पर बाबा ने कहा कि सिख दंगों कों कांग्रेस आलाकमान की तरफ से शह दी गई और माफी से काम नहीं चलेगा। 
आखिर रामदेव ने राहुल की क्यूँ की तारीफ़, क्या ये भी भाजपा की रणनीति का हिस्सा है? - Image 2बाबा रामदेव के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में एक नयी बहस शुरू कर दी है। अब राजनीतिक पंडित इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि बाबा रामदेव को राहुल गांधी की तारीफ करनी पड़ी। अगर इन पंडितों के मानें तो इनके अनुसार दरअसल भाजपा रामदेव के माध्यम से नयी चाल चलने की सोच रही है। दरअसल कांग्रेस निष्क्रिय हो चुकी थी जिस कारण मोदी का प्रधानमंत्री की कुर्सी तक का रास्ता साफ़ दिख रहा था। लेकिन आम आदमी पार्टी के मैंदान में कूदने के कारण भाजपा का खेल ख़राब होने लगा। फिर भाजपा के सभी रणनीतिकार एक नयी व्यूह रचना में लग गए।
आखिर रामदेव ने राहुल की क्यूँ की तारीफ़, क्या ये भी भाजपा की रणनीति का हिस्सा है? - Image 3राजनीतिक पंडितों ने माना कि रामदेव अब राहुल की तारीफ़ करके इनकी थोड़ी इमेज सही करना चाहते हैं।जिससे असल मुकाबला ‘मोदी बनाम केजरीवाल’ न हो कर ‘मोदी बनाम राहुल’ ही रहे। क्यूंकि ये मुकाबला भाजपा के लिए आसान होगा। गौरतलब हो कि मोदी का वोट बैंक समझे जाने वाले युवा वोटर्स में केजरीवाल अपनी पैठ बना रहे हैं जो भाजपा के लिए खतरे की घंटी के सामान मानी जा रही है। भाजपा में इसे लेकर नयी बहस छिड़ी हुई है कि ‘केजरी इफेक्ट’ को कैसे कम किया जाए? क्यूंकि इनका मानना है कि ‘आप’ की हवा मोदी लहर में सेंध लगा चुकी है। इसलिए अंततः ये तय किया गया कि राहुल को अब लड़ाई में लाया जाए और भाजपा के समर्थन में प्रचार करने वाले बाबा रामदेव को ये ज़िम्मेदारी दी गयी। क्यूंकि अगर कोई भाजपा नेता राहुल के समर्थन में बयान देता तो इसका उल्टा असर भी हो सकता था।
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