नई दिल्ली: ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा तैयार की गई वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल की मंजूरी दे दी है। भारत बायोटेक ने पहले और दूसरे फेस के ट्रायल के डाटा के साथ एनिमल चैलेंज डेटा पेश किया। सारा डेटा देखकर हुई चर्चा के बाद मंजूरी दी गई है।
खबरों की माने तो इसके तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल दस राज्यों में किए जाएंगे। इस तीसरे चरण के ट्रायल में ये वैक्सीन करीब 28 हजार लोगों को दी जाएगी। भारत बायोटेक लिमिटेड ने इस महीने की शुरुआत में पहले दो चरणों के नतीजे आधार पर तीसरे चरण के ट्रायल की अनुमति मांगी थी जिसे दे दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि इसके नतीजे अहले साल फरवरी तक आ सकते हैं।
भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा तैयार ये वैक्सीन पूरी तरह स्वदेशी है। इसे आईसीएमआर और हैदराबाद की भारत बायोटेक लिमिटेड ने मिलकर तैयार किया है। इसके अलावा भारत में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और अस्ट्राजेंका की वैक्सीन का सीरम इस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है।
वहीं, एक और स्वदेशी कंपनी जाइड्स कैडिला की वैक्सीन का भी भारत में पहले और दूसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। रूस की कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-वी के दूसरे और तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति मिली है। इस वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल भारतीय दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज कर रही है।
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