नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल स्मृति ईरानी आज मोदी के विश्वस्त लोगों में से एक है। लेकिन एक वक़्त था जब स्मृति नरेन्द्र मोदी
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल स्मृति ईरानी आज मोदी के विश्वस्त लोगों में से एक है। लेकिन एक वक़्त था जब स्मृति नरेन्द्र मोदी के प्रमुख आलोचकों में एक थी। गौरतलब हो कि 2004 के गुजरात दंगों के लिए मोदी से इस्तीफ़े तक की मांग कर डाली थी और कहा था कि वह इसके लिए भूख हड़ताल करेंगी।स्मृति ईरानी ने तब गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी की बहुत तीखी आलोचना की थी।
हालांकि वह अनशन पर बैठी नहीं, उससे पहले ही उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि “मैंने गुजरात के बारे में जो बयान दिया था उसे मैं उसे वापस लेती हूं, मुझे लगता है कि पार्टी की एक ज़िम्मेदार सदस्य होने के नाते मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए था।” साथ ही, साल 2004 की खटास समय के साथ मिठास में बदली और एक दशक बाद साल 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान स्मृति ईरानी ज़ोर-शोर से नरेंद्र मोदी की बड़ाई करती दिखीं।
ज्ञात हो कि अमेठी में अपनी चुनावी सभा में उन्होंने कहा था कि “गुजरात दंगों के बाद मैंने मोदी जी की
आलोचना की, उसके बावजूद उन्होंने मुझे यहां से लड़ने के लिए टिकट दिया, ये उनका बड़प्पन दिखाता है।”
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