अब ‘लवगुरु’ मटुक नाथ भी ‘आप’ ज्वाइन करेंगे

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अब ‘लवगुरु’ मटुक नाथ भी ‘आप’ ज्वाइन करेंगे

पटना। ऐसा लग रहा है जैसे अब वक़्त आ गया है कि 'आप' को मेम्बर बनाने के लिए एक फ़िल्टर लगाना पड़ेगा।क्यूंकि हर कोई आज 'आप' ज्वाइन करना चाह रहा

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पटना। ऐसा लग रहा है जैसे अब वक़्त आ गया है कि ‘आप’ को मेम्बर बनाने के लिए एक फ़िल्टर लगाना पड़ेगा।क्यूंकि हर कोई आज ‘आप’ ज्वाइन करना चाह रहा है. इसी क्रम में पटना के ‘लवगुरु’ मटुक नाथ ने भी ‘आप’ ज्वाइन करने की इच्छा ज़ाहिर की है। आप शायद मटुक नाथ को भूल गए होंगे पर हम आपको याद दिला देते हैं। ये वही मटुक नाथ हैं जो कुछ साल पहले अपनी गर्ल फ्रेंड के कारण बहुत विवादों में रहे थे। प्रोफेसर मटुक नाथ चौधरी को साल 2009 में अपने से अपनी स्टूडेंट जूली के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह से नौकरी से निकाल दिया गया था। लेकिन पिछले साल मटुक ने प्रेमिका जूली और समर्थकों के साथ अपनी नौकरी के लिए धरना दिया था, जिसके बाद उन्हें दोबारा बहाल कर दिया गया था। दरअसल ये अपनी पत्नी और अपने बच्चों के साथ शादी-शुदा ज़िन्दगी गुज़ार रहे थे लेकिन जुली नाम की एक लड़की इनकी जिंदगी में आयी और अपनी पत्नी को छोड़ कर ये दोनों साथ रहने लगे।
अपने से आधी से भी कम उम्र की जूली के साथ ‘लिव इन रिलेशनशिप’ में जीवन गुजार रहे पटना विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर प्रो. मटुकनाथ चौधरी की धर्मपत्नी आभा निर्वासित जिंदगी जी रही हैं। इनकी पत्नी आभा 2007 से पति से कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। आभा को इस बात का मलाल है कि जूली के आगे मटुक नाथ सबकुछ भूल गये। उन्हें अलग-थलग जिदंगी जीने के लिए बाध्य कर दिया गया। आभा चौधरी की वकील श्रुति सिंह बताती हैं, जब पटना विश्वविद्यालय के प्रो मटुकनाथ पर मुकदमा दायर किया गया था, उस समय उनका वेतन 44 हजार रुपये प्रतिमाह था। इसमें बढ़ोतरी होती गयी। अभी वे प्रतिमाह करीब सवा लाख रुपये पाते हैं। परन्तु आभा को इसमें से एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिलती है। अब अगर ऐसे लोग ‘आप’ में शामिल होंगे तो भगवान् ही बचाए ‘आप’ को. आज ही शोएब इकबाल के ‘आप’ में शामिल होने की चर्चा चल रही थी और अब ‘लवगुरु’ मटुक नाथ। प्रो. मटुक नाथ पटना से लोकसभा चुनाव भी लड़ना चाहते हैं।

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