चुनाव को जनआंदोलन बनाने में पूज्य रामदेव जी की अखंड तपस्या भी है। रामदेव जी को क्या कमी थी, सारे मुख्यमंत्री उनके दरवाज़े पर दस्तक देते थे लेकिन वो सबकुछ छोड़-छाड़ के एक मिशन को लेकर निकल पड़े, अपने लिये नहीं भारत के स्वाभिमान के लिए।– नरेंद्र मोदी, बीजेपी के पीएम कैंडिडेट
जब आजकल लोग अनाप शनाप इल्ज़ाम लगाते हैं मैं भी कभी मुड़कर के खुद के जीवन की ओर देखता हूं और मैं सोचता हूं कि ये देश कितना महान है। यहां के लोग कितने महान हैं कि जिन्होंने रेल के डिब्बे में चाय बेचनेवाले बच्चे को अपने कंधे पर बिठा लिया। मैं निराशावादी नहीं हूं, इसका कारण है कि मैंने अपनी मां को अड़ोस पड़ोस के घर में बर्तन साफ़ कर के, पानी भर के हमें संस्कारिक करने का काम किया है। और बिना निराश हुए बच्चों को पालने का उस मां ने काम किया। – नरेंद्र मोदी, बीजेपी के पीएम कैंडिडेट







