Politics

गिरिराज लौटा सकते हैं टिकट

0
Please log in or register to do it.
पटना। भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होते ही बिहार भाजपा में घमासान मच गया है। 25 लोगों की पहली सूची में पटना साहिब के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का नाम नहीं है। वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता गिरिराज सिंह अपनी पसंद की सीट नहीं मिलने से नाराज हैं। टिकट को लेकर अपना विरोध प्रकट करने गिरिराज सिंह शुक्रवार दिल्ली में जब पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात के लिए पहुंचे तो उन्हें घर के बाहर से ही टरका दिया गया। इसके बाद गिरिराज वापस जाने लगे। बाद में मीडिया में खबर आने के बाद राजनाथ सिंह ने गिरिराज सिंह को फोन करके वापस मिलने के लिए बुलाया। बताया गया है कि गिरिराज सिंह ने अपनी टिकट लौटने की पेशकश की है।
गौरतलब है कि गिरिराज सिंह नवादा से लोकसभा सीट के लिए भाजपा के प्रत्याशी घोषित किए गए है, लेकिन वे बेगूसराय सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। गिरिराज सिंह ने गुरुवार को पार्टी की तीसरी सूची जारी होने के बाद कह दिया था कि वे पार्टी अध्यक्ष को अपना टिकट वापस लौटा देंगे। उधर, बिहारी बाबू के करीबी सूत्रों ने बताया कि शत्रुघ्न सिन्हा ने साफ कर दिया है कि पटना साहिब से ही वह चुनाव लड़ना चाहते हैं और इस मुद्दे पर किसी चर्चा की कोई गुंजाइश नहीं है।
गुरुवार को सूची जारी करते समय पार्टी महासचिव अनंत कुमार ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा से बातचीत करके पटना साहिब की सीट तय की जाएगी। बताया गया है कि सिन्हा इंतजार करने को तो तैयार हैं पर किसी हालत में पटना साहिब की सीट नहीं छोड़ेंगे। उधर, गिरिराज सिंह ने नवादा सीट पर उम्मीदवारी के ऐलान के बाद वहां से चुनाव नहीं लड़ने के संकेत दिए हैं। गिरिराज सिंह के करीबी सूत्रों के मुताबिक वो नवादा से टिकट दिए जाने नाराज हैं। गिरिराज सिंह ने अपने लिए बेगुसराय की सीट मांगी थी पर पार्टी ने बेगुसराय से नवादा के सांसद भोला सिंह को टिकट दिया है।
मौजूदा 12 सांसदों में से 11 सांसदों की उम्मीदवारी को बरकरार रखा गया है पर बिहारी बाबू की सीट पर सस्पेंस बना हुआ है। साथ ही ये भी बताया जा रहा है कि टिकट बंटवारे को ले कर बिहार में नाराज़ नेताओं के संख्या में लगातार वृद्धि हो रही, जिसमे गिरिराज सिंह, अश्वनी चौबे और रामनेरश चौरसिया जैसे नाम अग्रणी है।
लगातार ख़बरों से अपडेट रहने के लिए खबरज़ोन फेसबुक पेज लाइक करें
पेड मीडिया देश के लिए खतरनाक: आप
कांग्रेस छोड़ में लोजपा शामिल हुए महबूब अली कैसर

Your email address will not be published. Required fields are marked *