नई दिल्ली। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल का एक बयान कि "दिल्ली की पूर्व शीला सरकार की वजह से मौजूदा बिजली संकट है।" उनके गले की हड्डी बन
नई दिल्ली। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल का एक बयान कि “दिल्ली की पूर्व शीला सरकार की वजह से मौजूदा बिजली संकट है।” उनके गले की हड्डी बन गयी। दरअसल गोयल के इस बयान के बाद टाटा पावर और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री में ठन गई है। टाटा पावर ने ऊर्जा मंत्री के बयान को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि दिल्ली में बिजली संकट पिछले दिनों आई आंधी के कारण है। टाटा पावर के सीईओ अजय गोयल ने कहा है कि सिर्फ आंधी की वजह से बिजली का संकट है। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार का बचाव करते हुए कहा कि शीला सरकार ने बिजली की दशा सुधारने के लिए काफी काम किए थे।
गौरतलब हो कि पीयूष गोयल ने कहा था कि पिछले सालों में ऊर्जा से जुड़ी हर तरह की व्यवस्था बेहद लचर रही, और यह संकट मूल रूप से फैसला लेने में देरी की वजह से बढ़ा। उन्होंने बताया कि पिछले 12 साल से बिजली को लेकर कोई फैसले नहीं लिए गए, और क्षेत्र में निवेश नहीं होने से भी बिजली समस्या बढ़ी। दिल्ली में बने हुए बिजली संकट के लिए पूर्ववर्ती शीला दीक्षित सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि पिछले 15 साल से मौजूद सरकार ने दिल्ली की बढ़ती मांग को कतई नजरअंदाज किया, और उत्पादन बढ़ाने की ओर कतई ध्यान नहीं दिया।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने देश की राजधानी दिल्ली में लगातार बने हुए बिजली संकट के मद्देनजर उपराज्यपाल नजीब जंग तथा ऊर्जा विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ लंबी बैठक की, जिसके बाद उन्होंने मौजूदा संकट के एक-दो हफ्ते के अंदर हल हो जाने का दावा किया। ऊर्जामंत्री के मुताबिक, अब बिजली उत्पादन बढ़ाया जाएगा, जिसके लिए बवाना प्लांट को गैस दी जाएगी, जो मंगलवार रात तक मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी भी दिल्ली को अतिरिक्त बिजली देने के लिए तैयार है, और दिल्ली को 400 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
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