लखनऊ । देशभर में नए कृषि कानून के विरोध के चलते बीजेपी किसान सम्मेलन करके किसानों को समझाने में जुटी है कि नए कानून कैसे किसानों के लिए फायदेमंद होंगे
लखनऊ । देशभर में नए कृषि कानून के विरोध के चलते बीजेपी किसान सम्मेलन करके किसानों को समझाने में जुटी है कि नए कानून कैसे किसानों के लिए फायदेमंद होंगे। लखनऊ के बक्शी का तालाब के बड़ी बाजार में बीजेपी ने किसान सम्मेलन का आयोजन किया। लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी से जिलों से विधायकों और सांसदों को किसानों को नए कृषि कानूनों को समझाने के लिए बुलाया।
- बक्शी का तालाब में किसान सम्मेलन का आयोजन
- लखनऊ समेत 6 जिलों के सांसद और विधायक आएं
- गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने विपक्ष पर साधा निशाना
- किसानों को नए कृषि कानूनों के फायदे गिनाए
- किसान सम्मेलन में सांसदों ने किसानों को समझाया
- किसानों को नए कृषि कानूनों के फायदे गिनाए
मुख्य अतिथि गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी सराकर किसानों की सरकार और किसानों के हित में फैसले लेती है। विपक्ष के लोग भ्रम फैलाने में जुटे हैं क्योंकि उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कोई भी देश हित में कानून आता है तो विपक्ष सिर्फ विरोध ही करता है।
लखीमपुर खीरी के सांसद अजय मिश्र टेनी ने बताया कि कैसे ये नए कानून किसानों के लिए फायदेंमंद हैं और कौन कौन ताकतें इसका विरोध कर रही हैं। सांसद अजय मिश्र ने बताया कि तीन तरह की ताकते बिल का विरोध कर रही हैं, पंजाब के आढ़ती, राजनैतिक विरोधी और वामदल से जुड़े लोग जो देश के सम्मान को ठेस पहुंचाना चाहते हैं। सांसद टेनी बताते है किसानों की एमएसपी किसी भी तरह से खत्म नहीं होने वाली।
सीतापुर के सांसद राजेश वर्मा ने किसानों को बताया कि जब नए कृषि कानूनों को संसद में लाया गया तो कुछ लोगों ने ये शंका जताई थी कि बीजेपी सरकार एमएसपी को खत्म करने जा रही है। बिल में कही भी एमएसपी को खत्म करने का प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद भी लोगों ने अनर्गल बातें करके लोगों को गुमराह करने का काम किया । पंजाब में सरकार कांग्रेस की है और धीरे धीरे लोगों को बरगला कर आग को सुलगाने का काम किया गया।
लखनऊ के मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर ने किसानों को बताया कि नए कानून से बहुत फायदें हैं, किसानों को कई जगह टैक्स नहीं देना पड़ेगा, किसान को जहां ज्यादा दाम मिले वो वहां पर अपनी फसल को बचे सकता है। विपक्ष के लोग किसानों का फायदा नहीं चाहते हैं इसलिए बिल को वापस करने की बात कर रहे हैं।
गौरतलब है कि किसानों को समझाने के लिए बक्शी का तालाब में बीजेपी ने सांसदों और विधायकों की फौज को उतार दिया, अपने अपने तरीके से सांसदों ने नए कृषि कानूनों के फायदे किसानों को गिनाए, अब देखना ये होगा कि किसानों को कितना फायदा होता और दिल्ली के बार्डर में कब तक किसानों और केंद्र सरकार के बीच रस्साकस्सी चलती है।
लखनऊ से मनीष सिंह की रिपोर्ट
लगातार ख़बरों से अपडेट रहने के लिए खबरज़ोन फेसबुक पेज और ट्विटर पेज पर फॉलो करें





COMMENTS