लखनऊ । देश में कोरोना वायरस के खिलाफ अंतिम लड़ाई का बिगुल बजा दिया गया है, देशभर में कोरोना वैक्सीन हेल्थ वर्करों को लगाई जा रही है। उत्तर प्रदेश में
लखनऊ । देश में कोरोना वायरस के खिलाफ अंतिम लड़ाई का बिगुल बजा दिया गया है, देशभर में कोरोना वैक्सीन हेल्थ वर्करों को लगाई जा रही है। उत्तर प्रदेश में भी 31700 लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है, लखनऊ में सीएम योगी ने बलरामपुर अस्पताल में वैक्सीनेशन का जायजा लिया और कहा कि देश के लिए नए उत्साह और उमंग का दिन है, दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन आई भारत में बनी गई, भारत दुनिया का पहला देश है जहां पर कोरोना को खत्म करने के लिए दो वैक्सीन बनी हैं, कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन से अंतिम प्रहार किया जा रहा है।
- सीएम योगी ने खुद लिया वैक्सीनेशन का जायजा
- दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन आई – सीएम
- लखनऊ में 12 अस्पतालों में कोरोना वैक्सीनेशन
- वैक्सीनेशन पर अखिलेश यादव का फिर तंज
वहीं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने फिर कोरोना वैक्सीन को लेकर बयान दिया है कि भाजपा के लोग हर कार्यक्रम को इवेंट बना देते हैं, सबसे पहले भाजपा के लोगों को लाइन में लगकर वैक्सीन लगवानी चाहिए, एक साल बाद समाजवादी सरकार बनेगी तो सबको मुफ्त वैक्सीन दी जाएगी।
लखनऊ में केजीएमयू, लोहिया, पीजीआई, लोकबंधु, बलरामपुर और अवंतीबाई अस्पताल के साथ एरा, सहारा और मेदांता अस्पताल में वैक्सीनेशन हुआ, ग्रामीण क्षेत्र में चिनहट, माल और मोहनलालगंज की सीएचसी पर टीकाकरण हेल्थ वर्करों का कराया गया। कोरोना की लड़ाई में सबसे आगे हेल्थ वर्कर ही थे तो सबसे पहले टीका उन लोगों को लगाया जा रहा है, इन लोगों ने अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों की जान बचाई है। इस टीकाकरण के लिए 72 कर्मचारियों की टीम बनाई गई है इसके अलावा 10 टीमें रिजर्व में रखी गई हैं। लखनऊ के 12 सेंटरों पर 200 बूथ बनाए गए हैं। लखनऊ के पीजीआई के डायरेक्टर आरके धीमान ने भी वैक्सीन लगवाई है ।
स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह के मुताबिक प्रदेश के सभी 317 केन्द्रों पर सौ-सौ स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लगाए जाएंगे, इसमें चिकित्सकों क साथ पैरामेडिकल स्टाफ भी शामिल है। कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों टीके लगाए जाएंगे। इसके बाद दूसरी डोज 28 दिन बाद दी जाएगी। दोनों डोज लगने के 14 दिन बाद शरीर में कोरोना वायरस के प्रति प्रतिरक्षण पैदा होगा। अभी तक प्रदेश को कोरोना वैक्सीन की कुल 10.75 लाख डोज मिल चुकी हैं। इसमें 10.55 लाख डोज कोविशील्ड की और 20 हजार डोज कोवैक्सीन की हैं। पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों, दूसरे चरण में फ्रंटलाइन वर्कर्स, तीसरे चरण में 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और फिर 50 वर्ष से कम आयु के उन लोगों को जो किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें टीका लगाया जाएगा।
लखनऊ से मनीष सिंह की रिपोर्ट
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