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MP में गधा बन गया नर्स, मां-पिता का नाम तो ग़ज़ब है.. फोटो हैरान कर देगा

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MP अजब है… सबसे गजब है! मध्य प्रदेश में नर्सिंग से जुड़ी एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सरकारी सिस्टम और ऑनलाइन वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए । मामला ऐसा है कि जिस नाम से नर्सिंग सर्टिफिकेट जारी हुआ, वह किसी इंसान का नहीं, बल्कि ‘DONKEY’ यानी गधे का है


ऑनलाइन आवेदन और सामने आए दस्तावेजों के मुताबिक नर्सिंग सर्टिफिकेट में नाम के कॉलम में DONKEY लिखा गया था। आवेदन में पिता के नाम ‘डंकी फादर’ और मां का नाम ‘डंकी मदर’ लिखा गया। जाति वाले कॉलम में भी आवेदन करने वाले ‘जानवर’ लिख दिया। इसके बावजूद आवेदन सिस्टम में आगे बढ़ता रहा

2021 से 2025 तक नर्सिंग की ट्रेनिंग
आवेदन में ये भी दावा किया गया कि DONKEY ने भोपाल नर्सिंग कॉलेज से 2021 से 2025 तक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। यानी आवेदन के मुताबिक चार साल तक नर्सिंग की पढ़ाई और ट्रेनिंग पूरी करने की जानकारी दर्ज की गई। ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के तौर पर भोपाल नर्सिंग कॉलेज के साथ भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का नाम भी डाला गया। इसके अलावा आवेदन में 10वीं और 12वीं की परीक्षा से जुड़ी जानकारियां भी दी गई। सर्टिफिकेट के तौर पर जरूरी दस्तावेजों की जगह खाली कागज अपलोड किए गए थे फिर भी आवेदन रिजेक्ट नहीं हुआ और आगे की प्रक्रिया जारी रही

फीस के बाद मिल गया रजिस्ट्रेशन नंबर
आवेदन के दौरान 2050 रुपये की फीस जमा की गई, फीस जमा होने के बाद सिस्टम ने रजिस्ट्रेशन नंबर भी जारी कर दिया, इसके बाद पांच मिनट के अंदर टेम्पररी नर्सिंग सर्टिफिकेट जारी होने का दावा किया गया। जाति में ‘जानवर’ और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी मनमानी जानकारी जैसी चीजें मौजूद थीं। इसके बावजूद सिस्टम ने आवेदन को स्वीकार किया और सर्टिफिकेट जारी किया

तस्वीर ने भी खींचा ध्यान
आवेदन में जिस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया, वो एक एनिमेटिड तस्वीर है, उसमें गधा सफेद डॉक्टर कोट पहने हुए है, गले में स्टेथोस्कोप है और मास्क कानों पर लगा हुआ है, फिर भी प्रक्रिया तो आगे बढ़ती रही

सिस्टम की जांच पर सवाल
ये मामला केवल एक मजेदार या हैरान करने वाली घटना ही नहीं है, ये नर्सिंग जैसे सेक्टर जो खुद में बहुत संवेदनशील काम है और उस काम के लिए जारी सर्टिफिकेट की प्रक्रिया सीधे तौर पर जुड़ी हुई स्वास्थ्य व्यवस्था से। ऐसे में आवेदन में दी गई गलत जानकारियों के बावजूद सर्किफिकेट मिल जाना गंभीर चिंता का मुद्दा है ।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
ये घटना सामने आने के बाद नर्सिंग सर्टिफिकेट जारी करने वाली ऑनलाइन प्रक्रिया यानी MPNRC की ऑनलाइन व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, इस मामले में संबंधित विभाग या अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले की जांच में क्या सामने लाता है और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में ऐसी गड़बड़ी आखिर कैसे हुई।

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