लखनऊ । नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों का विरोध प्रदर्शन 27वें दिन भी जारी रहा, दिल्ली के बार्डर पर जहां किसानों का आंदोलन चल रहा है, नोएडा के
लखनऊ । नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों का विरोध प्रदर्शन 27वें दिन भी जारी रहा, दिल्ली के बार्डर पर जहां किसानों का आंदोलन चल रहा है, नोएडा के बार्डर पर टिकैत गुट का दो दिनों से आमरण अनशन भी शुरू हो गया है। वहीं लखनऊ के बक्शी का तालाब तहसील पर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की सह सचिव मीना सिंह के नेतृत्व में नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर धरना प्रदर्शन हुआ, जिसमें कई महिलाओं और अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। ऐपवा की महिलाओं ने उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम सम्बोधित सात सूत्रीय ज्ञापन भी दिया।
- अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन का प्रदर्शन
- बक्शी का तालाब तहसील में महिलाओं का प्रदर्शन
- नए कृषि कानूनों के खिलाफ महिलाओं ने की नारेबाजी
- नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की
सह सचिव मीना सिंह ने बताया कि किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया है, किसान जब नए कृषि कानूनों को नहीं चाहता है तो सरकार कानून वापस क्यों नहीं ले रही है। मीना सिंह ने केंद्र सरकार को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि पीएम ने अपनी पूरी कैबिनेट को लोगों को समझाने में लगा दिया है कि विपक्ष के भ्रम फैलाने से किसान आंदोलन कर रहा है बल्कि भ्रम फैलाने का काम सरकार कर रही है।
अधिवक्ता कलीम ने लोगों को सम्बोधित करते हुए बताया कि हरियाणा और पंजाब का किसान देश को खाना खिलाता है, हम सब किसानों का समर्थन करते हैं, 130 करोड़ देशवासियों की थाली में खाना किसानों की मेहनत की वजह से सजता है। सिर्फ किसानों की बात नहीं है पूरे देश के जनता की बात है। सरकार कहती है कि नए कृषि कानूनों से किसानों को फायदा है तो किसानों को फायदा क्यों नहीं दिख रहा है।
गौरतलब है कि बक्शी का तालाब तहसील में आए दिन किसानों के समर्थन में धरना प्रदर्शन हो रहा है, केंद्र सरकार से लगातार नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट खबर जोन
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