लखनऊ । उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ‘गाय बचाओ, किसान बचाओ’ के मुद्दे पर माल एवेन्यू स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया और योगी सरका
लखनऊ । उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ‘गाय बचाओ, किसान बचाओ’ के मुद्दे पर माल एवेन्यू स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया और योगी सरकार के वादों को झूठा और हवा-हवाई बताया। प्रेस वार्ता में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, यूपी कांग्रेस उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी, मीडिया एडवाइजरी कमेटी के सदस्य सुरेन्द्र सिंह राजपूत और सोशल मीडिया चेयरमैन मोहित पाण्डेय शामिल हुए।
- कांग्रेस नेता ललन कुमार ने सरकार पर साधा निशाना
- किसानों की आय दोगुनी नहीं, कम हो रही- ललन
- किसान 800-1000 रुपए में धान बेचने को मजबूर- ललन
- किसानों की जमीन छीन रही बीजेपी सरकार- ललन
- काले कानूनों को वापस ले केंद्र सरकार- ललन कुमार
ग्राउंड जीरो पर मेहनत कर रहे और बक्शी का तालाब विधानसभा के ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुन और समझा रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस मीडिया संयोजक ललन कुमार ने गन्ना मंत्री सुरेश राणा के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार एमएसपी पर बड़े-बड़े बैनर लगा रही है, बड़ा-बड़ा प्रचार कर रही है पर सीतापुर रोड पर बक्शी का तालाब में बने धान क्रय केंद्र पर किसानों का फसल का दाम नहीं मिल रहा है और औने-पौने दाम पर किसान धान बेचने के मजबूर है और सरकार के मंत्री किसानों की आय दोगुना करने की बात कर रहे हैं। किसानों को फसल की लागत तक नहीं मिल पा रही है,बीजेपी सरकार झूठ की फैक्ट्री चलाने वाली सरकार है।
प्रेस कांफ्रेंस में उत्तर प्रदेश कांग्रेस मीडिया संयोजक ललन कुमार ने यह भी बताया कि बीजेपी सरकार में किसानों का उत्पीड़न कैसे हो रहा है और सरकार उनकी जमीन छीनने का काम कर रही है। बक्शी का तालाब के जलालपुर गांव के किसानों की आवाज को मुखर करते हुए ललन कुमार बताते हैं कि किसानों की जमीन छीनकर उनको भूमिहीन बनाया जा रहा है।
दिल्ली के बार्डरों पर पिछले एक महीने से चल रहे किसानों के आंदोलन पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस मीडिया संयोजक ललन कुमार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार काले कानूनों को वापस नहीं ले रही है, भीषण ठंड में किसान अपने हक की लड़ाई के लिए लड़ रहा है और सरकार हठधर्मिता पर उतारू है, किसानों की बात को नहीं सुन रही है। बीजेपी सरकार सिर्फ प्रचार प्रसार में जुटी है, किसानों और जनता की परेशानियों से उनका कोई सरोकार नहीं है।
बरहाल किसानों की आवाज कांग्रेस पार्टी जोर-शोर से उठा रही है, वहीं सत्ता पक्ष के लोग किसानों के आंदोलन को विरोधी पार्टियों का षडयंत्र बताती है और कांग्रेस पार्टी के नेताओं को प्रदर्शन करने से पहले कभी नजरबंद कर दिया जाता है तो कभी हिरासत में ले लिया जाता है। उन लोगों पर सरकार के दबाव में एफआईआर भी दर्ज कराई जाती है। वहीं किसान दिल्ली के बार्डर पर भीषण ठंड में अपने हक के लिए डटा हुआ है।
ब्यूरो रिपोर्ट खबर जोन
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