नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने देश भर से मिल रही प्रतिक्रियाओं को देखते हुए अब लोकसभा चुनावों में 400 से ज़्यादा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने पर
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने देश भर से मिल रही प्रतिक्रियाओं को देखते हुए अब लोकसभा चुनावों में 400 से ज़्यादा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने पर विचार कर रही है। पार्टी अब तक 200 सीटों तक चुनाव की योजना बना रही थी लेकिन जैसा कि पार्टी कह रही है कि उन्हें देश भर से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया (unprecedented response) मिल रही है।
आप नेता प्रशांत भूषण से जब मंगलवार को पूछा गया कि पार्टी कितनी सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ने जा रही है तो उन्होंने कहा कि, “हम आनेवाले आम चुनावों में 400 सीटों पर चुनाव लड़ने की सोच रहे हैं।” वो आम आदमी पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक के बाद बोल रहे थे, ये समिति लोकसभा चुनावों की रणनीति बनाने के लिए पार्टी की सर्वोच्च समिति है।
हालांकि दिल्ली को राष्ट्रीय स्तर पर दोहराना मुश्किल है, फिर भी आम आदमी पार्टी के रणनीतिकार देश भर में सदस्यता अभियान चलाकर लोकसभा चुनावों में पहली बार ही उतरकर राष्ट्रीय पार्टी का तमगा हासिल करने की कोशिश में हैं। चुनाव आयोग उसी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा देता है जो या तो 4 राज्यों में मान्यता प्राप्त (recognized) हो या कम से कम 6% वोट हासिल किया हो।
पिछले चार दिनों में पार्टी से 12 लाख लोग जुड़ चुके हैं। इसके अलावा पार्टी को समर्थन देनेवालों की संख्या बढ़ी है, जिसमें लोग नामांकन कर रहे हैं, नीतियों के तहत काम कर रहे हैं या पार्टी के लिए पैसों के इंतज़ाम में लगे हैं। इसी से प्रोत्साहित होकर पार्टी ने अपने लक्ष्य को बढ़ाया है।
हालांकि आम आदमी पार्टी के नेता और पीएसी के सदस्य गोपाल राय ने संभलते हुए प्रतिक्रिया दी कि पार्टी ने अब तक लोकसभा सीटों के लिए कोई संख्या निर्धारित नहीं की है और अभी भी सभी विकल्पों पर काम कर रही है।
वहीं भूषण का कहना है कि, “ये एक राजनीतिक क्रांति है, जिसे हम महसूस कर रहे हैं। हमें देश के हर हिस्से से, गांव या शहर हर जगह से समर्थन मिल रहा है। देश में एक वैकल्पिक राजनीति के उदय से लोगों में उम्मीदें हैं।”
बैठक में ये भी तय हुआ कि आनेवाले दिनों में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया का पहला चरण पूरा कर लिया जाएगा और पहली लिस्ट 20 जनवरी को जारी की जाएगी।

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