Crime राज्य

अशोक चव्हाण को तगड़ा झटका, आदर्श घोटाले से नहीं हटेगा नाम

0
Please log in or register to do it.

मुम्बई। आदर्श घोटाला मामले के आरोपियों की सूची में से महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का नाम हटाने की सीबीआई की याचिका एक विशेष अदालत ने खारिज कर दी है। सीबीआई की याचिका यदि अदालत द्वारा स्वीकार कर ली जाती तो इससे कांग्रेस और चव्हाण दोनों को ही बड़ी राहत मिलती। चव्हाण एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्हें इस मामले में आरोपी बनाया गया है। बहरहाल, उनके दो पूर्ववर्ती यानी विलासराव देशमुख और सुशील कुमार शिंदे भी इस जांच के दायरे में थे। देशमुख की मृत्यु हो चुकी है। राज्य सरकार के न्यायिक जांच आयोग ने इन तीनों को ही आदर्श हाउसिंग सोसाइटी को विभिन्न मंजूरियां देने से जुड़े प्रावधानों का ‘घोर उल्लंघन’ करने का अभियोग लगाया था।
न्यायिक पैनल की रिपोर्ट में कहा गया था, चव्हाण के कामों और उसके करीबी रिश्तेदारों को मिले लाभों के बीच निश्चित तौर पर कोई सांठगांठ थी। सदस्यता की प्रक्रिया स्पष्ट तौर पर दर्शाती है कि चव्हाण ने जरूरी अनुमति को जो सहमति दी थी, वह किसी लाभ के बदले में दी गई थी। सीबीआई ने अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया था कि चव्हाण ने विवादग्रस्त आदर्श सोसाइटी में अपने संबंधियों के लिए फ्लैट हासिल करने के बदले फ्लोर स्पेस इंडेक्स बढ़ाया था। 
राजस्व मंत्री के रूप में चव्हाण ने हाउसिंग सोसाइटी से 40 प्रतिशत नागरिकों को भी शामिल करने के लिए कहा था। जबकि यह सोसाइटी मूलत: युद्ध के सिपाहियों के लिए थी। सीबीआई ने दावा किया था कि इस घोटाले में चव्हाण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस सोसाइटी में चव्हाण की सास भगवती शर्मा, साली सीमा शर्मा और ससुर के भाई मदनलाल शर्मा के फ्लैट हैं। न्यायिक पैनल ने इन सभी को सोसाइटी में फ्लैट हासिल करने से अयोग्य ठहराया था। जुलाई 2012 में दायर किए गए अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने चव्हाण और 12 अन्य को भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार का आरोपी बताया था। अदालत द्वारा इस आरोप पत्र का संज्ञान लिया जाना अभी बाकी है।
थरूर, ट्विटर और टेंशन
मिचेल जॉनसन ने हटाई मूँछ, कहा- पत्नी के लिए किया ऐसा

Your email address will not be published. Required fields are marked *