सुप्रीम कोर्ट का पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की गिरफ्तारी पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस, जहां एक दलित लड़की से कथित सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी और बाद में उसकी मृत्यु हो गई थी। हाथरस जा रहे केरल के एक

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस, जहां एक दलित लड़की से कथित सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी और बाद में उसकी मृत्यु हो गई थी। हाथरस जा रहे केरल के एक पत्रकार सिद्दीकी कप्तन (Siddique Kappan) की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया।
सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट द्वारा दायर उस याचिका पर प्रतिक्रिया मांगी, जिसमें सिद्दीकी कप्पन की नजरबंदी को चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने सुनवाई के लिए मामला शुक्रवार को पोस्ट कर दिया। यूनियन के लिए पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पत्रकार के लिए अंतरिम जमानत मांगी क्योंकि वह 4 अक्टूबर से जेल में है। पीठ ने कहा कि वह पहले राज्य की सुनवाई करना चाहती है और संकेत दिया कि वह मामले को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में भेजने का निर्देश दे सकती है।
इस पीठ में जस्टिस एएस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यन भी शामिल हैं, पीठ ने कहा कि, हम अनुच्छेद 32 की याचिाकओं (मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के लिए राहत प्रदान करने के लिए सर्वोच्च न्यायलय की शक्ति) को हतोस्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं।
कपिल सिब्बल ने कहा कि, यह हिरासत में लिए गए पत्रकार का मामला था और इसी तरह की याचिकाओं को पहले भी देखा गया है। कप्पन पर प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के साथ कथित संबंधों के लिए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अभिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए हैं।


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