लखनऊ: गोमती रिवरफ्रंट घोटाले में बड़ी कार्रवाई, CBI ने सिंचाई विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर को किया गिरफ्तार

लखनऊ: सपा सरकार में 1500 करोड़ रुपए के लखनऊ (Lucknow) के गोमती रिवर फ्रंट घोटाले (Gomti River Front Scam) में सीबीआई (CBI) ने शुक्रवार को सिंचाई विभाग

लखनऊ: सपा सरकार में 1500 करोड़ रुपए के लखनऊ (Lucknow) के गोमती रिवर फ्रंट घोटाले (Gomti River Front Scam) में सीबीआई (CBI) ने शुक्रवार को सिंचाई विभाग के तत्कालीन चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव (Roop Singh Yadav) को गिरफ्तार किया है। दरअसल, योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद रिवर फ्रंट घोटाले की जांच का आदेश दिया था। इसके बाद मामले की जांच शुरू हो गई। सीबीआई के बाद ED ने मनी लांड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया, ईडी ने आठ में से पांच आरोपियों से पूछताछ भी की।
रूप सिंह यादव के अलावा क्लर्क राजकुमार यादव को भी लखनऊ से सीबीआई ने गिरफ्तार किया, दोनों आरोपियों को सीबीआई ने कोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। योगी सरकार ने घोटाले की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आलोक सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी। कमेटी ने घोटाले की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। जिसके बाद रूप सिंह यादव समेत सिंचाई विभाग के कई इंजीनियर, ठेकेदारों के खिलाफ लखनऊ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।
बाद में यह मामला यूपी सरकार ने सीबीआई को भेज दिया था, जिसके बाद 2 नवंबर 2017 को सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। करोड़ों के इस घोटाले में रूप सिंह यादव के खिलाफ ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग की एफआईआर दर्ज की थी। पिछले साल रूप सिंह यादव की संपत्ति भी ईडी ने अटैच की थी।

यह था मामला
आपको बता दें कि, गोमती रिवर फ्रंट के लिए सपा सरकार ने 1513 करोड़ स्वीकृत किए थे, जिसमें से 1437 करोड़ रुपए जारी होने के बाद भी मात्र 60 फीसदी ही काम हुआ। 95 फीसदी बजट जारी होने के बाद भी 40 फीसदी काम अधूरा ही रह गया। मामले में 2017 में योगी सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। आरोप है कि डिफाल्टर कंपनी को ठेका देने के लिए टेंडर की शर्तों में बदलाव किया गया था। पूरे प्रोजेक्ट में करीब 800 टेंडर निकाले गए थे, जिसका अधिकार चीफ इंजीनियर को दे दिया गया था।


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