कुशीनगर| आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मैत्रेय परियोजना का शिलान्यास करनेवाले हैं और इसके साथ ही कुशीनगर में होटल उद्योग से जुड़े लोगों के लिए एक
परियोजना का शिलान्यास करनेवाले हैं और इसके साथ ही कुशीनगर में होटल उद्योग से
जुड़े लोगों के लिए एक रास्ता खुल जायेगा। यूं तो कुशीनगर दुनिया के नक्शे पर
बौद्ध तीर्थस्थलों में एक ख़ास जगह रखता है लेकिन इलाके में तमाम तरह की असुविधाओं
के चलते और ख़ास तौर पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के न खुलने की वजह से यहां पर्यटकों की
आवक कम रहती है। लेकिन आज जब सीएम अखिलेश यादव मैत्रेय परियोजना का शिलान्यास करेंगे
और जब इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा तो यहां पर्यटकों की आवक
पहले से 4 गुणा तक बढ़ सकती है और इससे यहां के होटल उद्योग को चार चांद लग
जाएंगे। कुशीनगर में होटल इंडस्ट्री की कमाई सालाना करीब 13 करोड़ है जिसके 60
करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।
उत्तराखंड के अलग होने के बाद बौद्ध सर्किट के पर्यटन विकास का मार्ग खुल गया। सरकार कुशीनगर का विकास केवल बौद्ध देशों के पर्यटकों के लिये ही नहीं बल्कि यूरोपीय देशों के पर्यटकों को भी ध्यान में रखकर कर रही है। होटल सेक्टर तो पर्यटन की आधारभूत आवश्यकता है। सरकार सहूलियत दे रही है।-पीके सिंह, पर्यटन उप निदेशक बौद्ध सर्किट
सबसे ख़ास बात ये है कि
मैत्रेय से पहले यहां शैलानियों के पास देखने के लिए विकल्पों की काफ़ी कमी थी और
जो भी शैलानी आते थे वो 1-2 घंटे में ही कुशीनगर की सैर कर के लौट जाते थे लिहाज़ा
यहां होटलों में शैलानी ठहरते कम थे और बसों में सवार होकर आते और फिर सारनाथ या
लुम्बनी के लिये यहीं से रवाना हो जाते थे। इसका असर यहां के होटल उद्योग पर काफ़ी
हद तक पड़ा है लेकिन मैत्रेय परियोजना के
तहत पूरे इलाके का विकास किया जाएगा और यहां कई सारे दर्शनीय स्थलों का निर्माण भी
प्रस्तावित है जिसमें दुनिया की सबसे विशाल बुद्ध की प्रतिमा भी शामिल है।
कुशीनगर दुनिया भर के छह मिलियन बौद्ध अनुयाइयों के लिये मक्का मदीना सरीखा है। मैत्रेय और एयरपोर्ट परियोजना से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इसमें कोई संदेह नहीं है। यदि चार गुना भी पर्यटक बढ़े तो होटल कारोबारी ही क्यों हर सेक्टर के लोगों के साथ साथ सरकार का विदेशी मुद्रा भंडार भी बढ़ेगा। -संजीव माथुर, प्रबंध निदेशक होटल इम्पीरियल
ही कुशीनगर में ठंडे पड़े होटल उद्योग को देखकर भी बाहर से होटल इंडस्ट्री के बड़े
नाम निवेश कर रहे हैं जिसमें यहां एक फाइव स्टार होटल, 3 थ्री स्टार होटल और एक
स्टार फ्री होटल का निर्माण प्रस्तावित है। एक होटल के लिए ज़मीन भी ली जा चुकी है
और अन्य के लिए कारोबारी ज़मीन की तलाश की जा रही है। इसके लिए इंटरनेशनल होटल के
कमर्शियल ज़ोन में भी एक फाइव स्टार, एक थ्री स्टार और एक स्टार फ्री होटल का
निर्माण होना है। इतना ही नहीं राजस्व विभाग के मुताबिक मैत्रेय परियोजना को देखते
हुए कई कारोबारियों ने यहां गेस्ट हाउस खोलने के लिए ज़मीन खरीद ली है और रिहायशी
इलाकों में भी लोग मैत्रेय परियोजना में अपना भविष्य देख रहे हैं लिहाज़ा उन्होंने
अपने यहां पेइंग गेस्ट रखने का इंतज़ाम भी शुरू कर दिया है।
सालाना ब्यौरा

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