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पटना/खगड़िया। बिहार में चल रहे राजनीतिक उठा -पटक के बीच यह जानना असंभव सा लग रहा है कि कौन सा नेता कब किस पार्टी शामिल हो जाएगा। बिहार की खगड़िया सीट इस वक़्त काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। यहाँ से राजद ने पूर्व विधायक रणवीर यादव की पत्नी को अपना प्रत्याशी बनाया है। जबकि उनकी पहली पत्नी जदयू से खगड़िया की विधायक हैं और उन्होंने राजद के लिए प्रचार करने का ऐलान भी कर दिया है। वहीँ जदयू के अंदर भी पार्टी में घमासान मचा हुआ। लेकिन दिलचस्प खेल तो लोजपा में चल रहा है।
भाजपा-लोजपा के गठबंधन के कारण खगड़िया सीट लोजपा के खाते में गयी है और इस सीट के लिए लगातार दावेदारों के संख्या बढ़ती जा रही है। दावेदारों में सबसे पहला नाम रामविलास पासवान के छोटे भाई पशुपतिनाथ पारस का आ रहा था और उसके बाद पार्टी के प्रधान महासचिव राघवेन्द्र कुशवाहा का नाम आया।इसके साथ ही खगड़िया के भाजपा के दावेदारों के साथ एक सबसे बड़ा नाम आया कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष महबूब अली कैसर का। उनके ऊपर करोड़ों दे कर टिकट खरीदने तक का आरोप भी लगा। सूत्रों का तो यहाँ तक कहना था कि कैसर के नाम की बस घोषणा होना बांकी है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बनेंगे लोजपा उम्मीदवार, टिकट खरीदने का आरोप
लेकिन आज सुबह से राजनीतिक गलियारों में फिर से उलट-पुलट की बू आनी शुरू हो गयी है। खबरजोन की सूत्रों की मानें आज सुबह 10 बजे महबूब अली कैसर लोजपा के दफ्तर में देखे गए तो लगा की उम्मीदवारी पक्की हो चुकी है और घोषणा थोड़ी देर में हो जाएगी। लेकिन ठीक 2 घंटे के बाद इन्हे जदयू के दफ्तर में देखे जाने के बाद अटकलों का बाज़ार फिर से गर्म हो गया है। खबर ये भी आ रही है कि कांग्रेस भी अपने दूत भेज कर इन्हे मनाने के प्रयास में भी जुटी हुई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लोजपा और जदयू में से किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे या फिर कांग्रेस दूतों की बात मान कर पार्टी में ही रहेंगे।
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