नई दिल्ली। पहले आप, पहले आप की कहानी चल रही है। न बीजेपी पहल करने को तैयार है न ही आम आदमी पार्टी लेकिन इन सब के बीच में विकल्पों की बयार ज़रूर आ
नई दिल्ली। पहले आप, पहले आप की कहानी चल रही
है। न बीजेपी पहल करने को तैयार है न ही आम आदमी पार्टी लेकिन इन सब के बीच में
विकल्पों की बयार ज़रूर आ रही है। किरण बेदी के बाद आम आदमी पार्टी के नेता
प्रशांत भूषण का बयान तो दिल्ली की सियासत में आस की तरह आया लेकिन जल्द ही फुस्स
साबित हुआ।
आम आदमी पार्टी के फ़ैसलों में हमेशा से अरविंद
केजरीवाल के साथ रहे और उनके बेहद विश्वसनीय चेहरे प्रशांत भूषण ने न्यूज़ चैनल NDTV से कहा कि दिल्ली में सरकार बनाने के
लिए BJP को AAP का समर्थन मिल सकता है जो मुद्दों पर
आधारित होगा। प्रशांत भूषण की तरफ़ से आये बयान ने दिल्ली की सियासत में भूचाल ला
दिया लेकिन सशर्त समर्थन के उनके बयान को जल्द ही आम आदमी पार्टी की तरफ़ से खारिज
कर दिया गया।
केजरीवाल के साथ रहे और उनके बेहद विश्वसनीय चेहरे प्रशांत भूषण ने न्यूज़ चैनल NDTV से कहा कि दिल्ली में सरकार बनाने के
लिए BJP को AAP का समर्थन मिल सकता है जो मुद्दों पर
आधारित होगा। प्रशांत भूषण की तरफ़ से आये बयान ने दिल्ली की सियासत में भूचाल ला
दिया लेकिन सशर्त समर्थन के उनके बयान को जल्द ही आम आदमी पार्टी की तरफ़ से खारिज
कर दिया गया।
“अगर
BJP हमें लिखित में
दे कि वो 29 दिसंबर तक जनलोकपाल बिल पास करेगी और दिल्ली में जनसभा का गठन करेगी
तो हम समर्थन देने पर विचार कर सकते हैं”
–प्रशांत
भूषण
भूषण के बयान पर जल्द ही आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया आ गई कि ये
उनकी निजी राय है पार्टी की लाइन नहीं है और ना ही पार्टी इस लाइन पर विचार कर रही
है। आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी ने सोमवार को ही अपनी चुनाव समिति की बैठक में
फैसला लिया था कि पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाने को तैयार है क्योंकि जनता ने
उन्हें स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है।
उनकी निजी राय है पार्टी की लाइन नहीं है और ना ही पार्टी इस लाइन पर विचार कर रही
है। आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी ने सोमवार को ही अपनी चुनाव समिति की बैठक में
फैसला लिया था कि पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाने को तैयार है क्योंकि जनता ने
उन्हें स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है।
“किसी से समर्थन न लेना है और न ही देना है। हम विपक्ष में बैठेंगे”
–मनीष
सिसोदिया
भूषण के बयान पर बवाल हुआ तो एक दूसरे न्यूज़
चैनल से बातचीत में उन्होंने सफाई पेश की और साफ़ किया कि समर्थन देने का सवाल ही
नहीं उठता। उन्होंने कहा कि जो बयान उन्होंने दिया था वो संभावना आधारित एक सवाल
का जवाब था।
चैनल से बातचीत में उन्होंने सफाई पेश की और साफ़ किया कि समर्थन देने का सवाल ही
नहीं उठता। उन्होंने कहा कि जो बयान उन्होंने दिया था वो संभावना आधारित एक सवाल
का जवाब था।
“हमें
पहले से पता है कि बीजेपी कभी AAP की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकती.
बीजेपी कभी भी दिल्ली के वोटरों को AAP द्वारा किए गए वादों को पूरा नहीं कर
सकती इसलिए समर्थन देने का सवाल ही नहीं”
–प्रशांत
भूषण
ऊधर बीजेपी की ओर से भी ख़बर है कि वो भी प्रशांत भूषण के बयान को
गंभीरता से नहीं ले रही।
गंभीरता से नहीं ले रही।

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