नई दिल्ली: कुछ सरकारी बैंकों की ओर से बैंकिंग सुविधाओं (Banking Servies) के लिए सेवा शुल्क (Service Charge) बढ़ाए जाने वाली अटकलों पर केंद्र सरकार ने
नई दिल्ली: कुछ सरकारी बैंकों की ओर से बैंकिंग सुविधाओं (Banking Servies) के लिए सेवा शुल्क (Service Charge) बढ़ाए जाने वाली अटकलों पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। वित्त मंत्रालय ने कुछ तथ्य लोगों के सामने रखे हैं। केंद्र सरकार ने 60 करोड़ से ज्यादा बेसिक सैविंग्स बैंक डिपॉजिट यानी बिनुयादी बचत खातों पर किसी तरह का कोई सेवा शुल्क नहीं लिया जाता है।
केंद्र सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि गरीब और बैंकिंग सेवाओं से महरूम रहे लोगों के लिए खोल गए 41.13 करोड़ जनधन खातों के लिए बैंक की ओर से कोई भी सेवा शुल्क नहीं लिया जाता है। रेग्यूलर सेविंग्स अकाउंट (Saving Accounts), करंट अकाउंट (Current Accounts), ओवरड्राफ्ट अकाउंट (Overdraft Accounts) और कैश क्रेडिट अकाउंट (Cash Credit Accounts) पर बैंकों ने सेवा शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपने दिशानिर्देश में स्पष्ट कहा है कि सरकारी बैंकों समेत सभी बैंकों से अपनी लागत के आधार पर लेवी चार्ज करने की छूट दी गई है। बैंकों की ओर से लिए जाने वाला लेवी चार्ज स्पष्ट, पारदर्शी और भेदभाव रहित होगा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर आने वाले समय में बैंक सेवा शुल्क से संबंधित बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं लगांगे।
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