नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री शशि थरूर और विवादों का पुराना साथ रहा है। और ये विवाद जब भी बाहर आए हैं ट्विटर इनसे किसी न किसी तरह जुड़ा रहा है। थरूर ने
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री शशि थरूर और विवादों का पुराना साथ रहा है। और ये विवाद जब भी बाहर आए हैं ट्विटर इनसे किसी न किसी तरह जुड़ा रहा है। थरूर ने साल 2008 तक यूएन में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
2009 में उनके कांग्रेस के साथ उनके राजनैतिक करियर की शुरूआत हुई। आम चुनाव में उन्होंने केरल की तिरुअनंतपुरम से भारी मतों से जीत हासिल की और उन्हें विदेश राज्यमंत्री बना दिया गया। बेबाक बयानी के अलावा थरूर की एक और खासियत ये थी कि वो सोशल साइट ट्विटर के ज़रिए लोगों से संवाद बनाने वाले कुछ चुनिंदा भारतीयों में से थे, वो पहले भारतीय सेलिब्रिटी थे जिनके फॉलोअर्स की संख्या 1 लाख के पार हो गई थी।
ट्विटर पर थरूर से जुड़ा पहला बयान तब सामने आया जब उन्होंने हवाई जहाज के इकॉनमी क्लास को कैटल क्लास करार दिया था। उन्होंने लिखा था he would travel “cattle class in solidarity with all our holy cows. थरूर के इस बयान पर काफी बवाल मचा था और उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी।
थरूर दूसरी बार विवादों में पड़े थे 2010 में और इस बार भी उनके एक ट्वीट ने उनके लिए इतनी बड़ी परेशानी खड़ी कर दी कि उन्हें विदेश राज्यमंत्री की अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। इस ट्वीट में उन्होंने तत्कालीन आईपीएल के चेयरमैन ललित मोदी के ट्वीट का जवाब दिया था जिससे साफ हो गया कि उनका कोच्चि की टीम में हिस्सेदार सुनंदा पुष्कर से संबंध हैं। और इसके बाद उन पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। हालांकि बाद में इन्ही सुनंदा पुष्कर से उन्होंने शादी कर ली थी। अब एक बार फिर ट्विटर ने उनकी ज़िंदगी में इतना बड़ा भूचाल ला दिया है।
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