नई दिल्ली। जब भी हम अपना राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं तो इसके सम्मान में ध्वज को सलामी देते हैं। लेकिन राज्यस्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत
नई दिल्ली। जब भी हम अपना राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं तो इसके सम्मान में ध्वज को सलामी देते हैं। लेकिन राज्यस्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तिरंगा झंडा तो फहराया, लेकिन झंडे को सलामी देना भूल गए।
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केजरीवाल को नियमानुसार झंडे को सलामी भी देनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री झंडा फहराने के ठीक बाद सीधे अपनी कुर्सी की ओर बढ़ गए। ऐसा माना जाता है की ये ध्वजारोहण परंपरा के बिलकुल खिलाफ है। उन्हें झंडा फहराने के बाद, झंडे को सलामी देना चाहिए था, फिर अपना स्थान ग्रहण करना चाहिए। लेकिन वो झंडा फहराने के बाद सीधा अपने स्थान पर आ कर बैठ गए।
उधर, झंडा फहराने के बाद केजरीवाल के दिए गए भाषण को भी विपक्ष मुद्दा बना रही है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि केजरीवाल ने जिस तरह न्यायपालिका, मीडिया और कार्यपालिका का अपमान किया, वैसी मिसाल दिल्ली के इतिहास में नहीं मिलती। इस पावन अवसर को भी केजरीवाल ने अपना राजनीतिक एजेंडा सेट करने का माध्यम बनाया। इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
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