नयी दिल्ली। घरेलु उत्पाद बनाने वाली कंपनी गोदरेज ने "ईज़ी-राहत एक अभियान" के तहत आज एक एनजीओ आरोहण के साथ गरीब बच्चों को ठिठुरती ठंढ से निज़ा
नयी दिल्ली। घरेलु उत्पाद बनाने वाली कंपनी गोदरेज ने “ईज़ी-राहत एक अभियान” के तहत आज एक एनजीओ आरोहण के साथ गरीब बच्चों को ठिठुरती ठंढ से निज़ात दिलाने का इंतज़ाम किया। इस कार्यक्रम में गोदरेज के सीओओ (सेल्स और मार्केटिंग, सार्क) सुनील कटारिया और टीवी अभिनेत्री हीना खान भी मौजूद थीं। गोदरेज़ ने “ईज़ी-राहत एक अभियान” में आरोहण के साथ अपने नाम के अनुसार गरीब बच्चों को गर्म कपडे दान कर उनकी ज़िन्दगी ईज़ी बनाने की कोशिश की। दरअसल आरोहण के सहयोग से पूरे दिल्ली एनसीआर से करीब 21000 ऊनी कपड़े इकट्ठे किये गए हैं। जिसमे करीब 17000 ऊनी कपड़े गरीब एवं ज़रूरतमंद बच्चों के बीच आज वितरण भी कर दिए गए।
गौरतलब हो कि 25 नवम्बर 2013 से 25 दिसंबर 2013 तक ऊनी कपड़ों का संग्रह विभिन्न जगहो से किया गया था। दरअसल इस काम के लिए 100 से अधिक स्कूलों और सोसाइटी को ऊनी कपड़ों को दान करने के लिए संपर्क किया गया था। समूचे दिल्ली एनसीआर परिसर में कलेक्शन ड्राइव अभियान चलाया गया था, जिसमे जगहों-जगहों से ऊनी कपड़ों को संग्रह किया गया। इस अभियान के तहत आवासीय सोसाइटियों के लोगों के घर-घर जा कर ऊनी कपडे जुटाए गए। सुनील कटारिया ने अपने सम्बोधन में कहा कि “दिल्ली के लोगों का ऐसा रिस्पांस देख कर हम भाव-विभोर हो गये हैं और भारत के भविष्य के लिए हमने जो कुछ भी किया वो गोदरेज़ कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के लिए ये सब कर्तव्य की तरह है.
कार्यक्रम के दौरान अपने नन्हे प्रसंशकों के बीच हीना खान ने कहा कि “बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं और इनकी मदद के हर सम्भव प्रयास करना हमारी ज़िम्मेदारी है। दिल्ली में जाड़े के दिन बहुत कठोर होते हैं और गर्म कपड़ों के अभाव में ये बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाते, साथ ही सर्दी के सितम से बीमार भी हो जाते हैं। ईज़ी ने एक कदम आगे बढ़ा कर इन बच्चों को स्कूल जाने में सक्षम बनाया है। एक अभिभावक के रूप में अपने बच्चों से ऊनी वस्त्र दान करवाने के दौरान बच्चों में शेयरिंग एवं केयरिंग के नैतिक मूल्यों को पैदा करने पर एक सुख की अनुभूति हुई। मुझे इस नेक काम के साथ जुड़ने पर गर्व है।

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