क्या राजनाथ भी हैं पीएम की रेस में?

लखनऊ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की लोकसभा सीट लखनऊ से चुनाव लड़ने की तैयारी ज़ोर-शोर 

लखनऊ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की लोकसभा सीट लखनऊ से चुनाव लड़ने की तैयारी ज़ोर-शोर कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वहाँ के स्थानीय कार्यकर्ताओं की मांग है कि भाजपा अध्यक्ष लखनऊ से चुनाव लड़ें। राजनाथ अभी उत्तरप्रदेश की गाजियाबाद सीट से सांसद हैं। जबकि लखनऊ सीट से अटल बिहारी वाजपेयी के बाद, लालजी टंडन ने चुनाव लड़ा था, लेकिन बीजेपी के रणनीतिकार इस बार लखनऊ सीट से किसी बड़े नेता को चुनाव लड़ाना चाहते हैं। जिससे प्रदेश में ये संदेश जाए कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ये सीट पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वैसे राजनाथ का लखनऊ से चुनाव लड़ना इसलिए भी पक्का माना जा रहा है कि उन्होंने अभी तक इस खबर का खण्डन भी नहीं किया है।

ज्ञात हो कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमन्त्री प्रत्याशी तक लाने में राजनाथ सिंह का अहम् योगदान रहा है और उन्होंने अडवाणी और मोदी के धुर विरोधियों के विरोध के बावजूद मोदी के रास्ते के सारे कांटे साफ़ कर दिए।
लेकिन अब राजनाथ सिंह की निगाहें चुनाव के बाद की सियासी संभावना पर है। आम चुनाव के बाद एनडीए को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने की स्थति में मोदी की छवि के चलते नए सहयोगियों को साथ लाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में राजनाथ पीएम पद की जिम्मेदारी संभालने वाले नए चेहरे के रुप में सामने आ सकते हैं, इसके लिए वह लखनऊ से चुनाव जीत कर अपनी स्थति को और मजबूत कर लेना चाहते हैं।

गौरतलब हो कि लखनऊ सीट भाजपा के लिए सबसे प्रतिष्ठित सीट मानी जाती है और राजनाथ सिंह को ये पता है कि अगर वो यहाँ से चुनाव लड़ते हैं तो परोक्ष रूप से उनकी छवि वाजपेयी जी के उत्तराधिकारी के रूप में बन जायेगी, जो उनके पीएम के रास्ते में मील का पत्थर साबित होगी। हालाकिं पहले इस सीट से नरेंद्र मोदी के चुनाव लड़ने की चर्चा थी। लेकिन गुरुवार को लखनऊ के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने इस लोकसभा सीट से राजनाथ सिंह को चुनाव लड़वाने की मांग की जिसका राजनाथ ने कोई खंडन नहीं किया है। राजनीतिक गलियारों में राजनाथ सिंह की लखनऊ पर टिकी नजर को राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रधानमंत्री के पथ पर कदम बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है। अगर उनके पुराने बयानों पर गौर किया जाए तो 2006 में दोबारा पार्टी अध्यक्ष चुने जाने के बाद राजनाथ भी बड़ी जिम्मेदारी संभालने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। ऐसा देखा गया है कि भाजपा में पीएम प्रत्याशी के नाम की घोषणा के पहले और बाद तक खेल दिलचस्प बना हुआ था। अब स्थिति ऐसी लग रही है कि चुनाव के बाद भी यह खेल दिलचस्प ही बना रहेगा।

लगातार ख़बरों से अपडेट रहने के लिए खबरज़ोन फेसबुक पेज लाइक करें

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: