Bihar Election Restults 2020: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में मुख्य मुकाबले में टक्कर कांटे की हो गई है, यह मुकाबला भले ही एनडीए और महागठबंधन के बीच है
Bihar Election Restults 2020: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में मुख्य मुकाबले में टक्कर कांटे की हो गई है, यह मुकाबला भले ही एनडीए और महागठबंधन के बीच है लेकिन अब मामला फंसता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि अभी तक अंतिम नतीजा नहीं आया है, अभी तक के रुझानों में 124 सीटों पर एनडीए और 109 सीटों पर महागठबंधन आगे चल रहा है। 10 सीटों पर अन्य आगे चल रहे हैं।
महागठबंधन और एनडीए की जो समीकरण बिगाड़ रही है, उसमें पप्पू याद की अगुवाई वाला प्रतगिशील लोकतांत्रिक गठबंधन और उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाला ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट शामिल है। पप्पू का गठबंधन कुछ खास नहीं कर सका और वे मधेपुरा सीट से हार भी गए, लेकिन दूसरे गठबंधन ने आरजेडी और महागठबंधन की तमाम सीटों का गणित बिगाड़ दिया औवैसी और मायावती की बीएसपी ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई है।
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएमआईएम ने किशनगंज समेत बिहार के अल्पसंख्यक प्रभावित क्षेत्रों में राजद और कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है। राजद के राहुल यादव का भी मानना है कि एमआईएमआईएम को किशनगंज समेता तमाम विधानसभा क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों ने वोट दिया है। अल्पसंख्यकों के वोटों के बंटवारे से जहां भाजपा को इसका लाभ मिला, तो वहीं महागठबंधन को दो दर्जन सीटों पर सीधे नुकसान उठाना पड़ा है।
मिथिलांचल से लेकर कोसी और सीमांचल के इलाके तक ओवैसी ने गहरा प्रभाव छोड़ा है। ओवैसी की पार्टी ने आरजेडी के माय (मुस्लिम-यादव) समीकरण में बड़ी सेंधमारी की। एमआईएमआईएम के प्रत्याशियों ने ना केवल मुस्लिम वोट हासिल किए, बल्कि अमौर, वायसी, जोकीहाट सीट पर जीत भी दर्ज की है। कोचाधामन सीट पर भी पार्टी ने जीत हासिल की है।
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