लखनऊ । स्वास्थ्य विभाग ने गांव-गांव में मरीजों को इलाज और दवा पहुंचाने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट बैन लगाई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट वैन में पांच लोगों
लखनऊ । स्वास्थ्य विभाग ने गांव-गांव में मरीजों को इलाज और दवा पहुंचाने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट बैन लगाई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट वैन में पांच लोगों का स्टाफ होता है, डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, लैबटेक्निशियन और ड्राइवर। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए चलता फिरता अस्पताल गांव तक पहुंचाने का काम किया है।
- ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य विभाग की पहल
- ग्रामीणों के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट लगाई
- गांव-गांव जाकर मरीजों का मुफ्त में इलाज
- मोबाइल मेडिकल यूनिट वैन से मरीजों का इलाज
लखनऊ के इटौंजा के रायपुर राजा में मोबाइल मेडिकल यूनिट बैन लगाकर मरीजों को इलाज किया गया। ग्रामीणों को स्वास्थ्य विभाग सहुलियत दे रहा है कि वह अपना इलाज और स्वास्थ्य का ध्यान अपने गांव में ही रख सकते हैं। फार्मासिस्ट पवित्र यादव ने बताया कि ये वैन रूरल इलाके में भेजी जाती है जहां लोगों को अस्पताल पहुंचने में दिक्कत होती है उनकी सुविधा के लिए ये व्यवस्था की गई है।
फार्मासिस्ट पवित्र यादव ने आगे बताया कि गंभीर बीमारी होने पर मरीजों को अस्पताल में सिफ्ट भी कराते है कि जिससे उसको वक्त पर सही इलाज मिल जाए। ओपीडी में करीब 40 मरीजों ने दिखाकर दवा ली है। पवित्र यह भी बताते है कि लोगों में अभी जानकारी का अभाव है पर जैसे जैसे जानकारी बढ़ेगी मरीज यहां पर ज्यादा आएंगे।
गांव के रहने वाले आदित्य यादव ने बताया कि आशा से उनको जानकारी मिली थी कि गांव में मोबाइल मेडिकल यूनिट वैन आएगी, इससे उन लोगों को बहुत लाभ होता है यही पर ही दवा मिल जाती है। जिससे उन लोगों को इटौंजा या बक्शी का तालाब नहीं जाना पड़ता है, भीड़ में जाने से भी बच जाते हैं।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग कोरोना काल में गांव-गांव मोबाइल मेडिकल यूनिट वैन को भेजकर गरीबों का इलाज और दवा दिलवा रहा है। जिससे सीएचसी, पीएचसी और बड़े अस्पतालों में मरीजों की भीड़ को कम किया जा सके। मोबाइल वैन में वील चेयर, स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सिलेंडर भी रहता है।
ब्यूरो रिपोर्ट खबर जोन
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