लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना के दोषी सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत राय के खिलाफ जारी नान बेलेबल वारंट (एनबीडब्ल्यू) तालीम कराने लखनऊ
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना के दोषी सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत राय के खिलाफ जारी नान बेलेबल वारंट (एनबीडब्ल्यू) तालीम कराने लखनऊ में उनके घर गई पुलिस खाली हाथ लौट आई। लखनऊ के गोमतीनगर थाना की टीम शाम को करीब चार बजे उनके आवास पहुंची थी। सुब्रत राय लखनऊ के गोमतीनगर में सहारा शहर में रहते हैं। सुब्रत राय की तलाशी करने गई पुलिस की टीम काफी देर तक सहारा शहर के बाहर ही है। बताया गया कि सुब्रत राय इस समय सहारा शहर में नहीं हैं। उनकी लोकेशन का भी अभी कुछ पता नहीं है। इसके बाद भी करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस ने तलाशी की सारी औपचारिकता पूरी की।
गौरतलब है कि कल समन के बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताते हुए सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। अदालत ने उन्हें गिरफ्तार कर चार मार्च को सुप्रीम कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आदेश सहारा के खिलाफ दाखिल सेबी की अवमानना याचिका पर जारी किया। बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों के 20,000 करोड़ रुपये वापस करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करने का आरोप लगाते हुए सुब्रत राय और सहारा की दो कंपनियों के निदेशकों के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की है। 20 फरवरी को शीर्ष अदालत ने सहारा प्रमुख व तीन अन्य निदेशकों को 26 फरवरी को निजी तौर पर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन व न्यायमूर्ति जेएस खेहर की पीठ को उनके वकील ने बताया कि सहारा की दो कंपनियों के तीन निदेशक अशोक राय चौधरी, रवि शंकर दुबे व वंदना भार्गव कोर्ट में पेश हुए हैं। मगर सुब्रत राय मां की बीमारी के कारण पेश नहीं हो सके।
इस पर पीठ ने नाराजगी जताते हुए उनके वकील राम जेठमलानी से पूछा कि जब तीन निदेशक पेश हो सकते हैं तो फिर सुब्रत राय क्यों नहीं आए। वह भी तब, जब मंगलवार को ही कोर्ट ने निजी पेशी से छूट की उनकी मांग ठुकरा दी थी। जेठमलानी ने कहा कि उनकी मां की तबियत अचानक बहुत खराब हो गई है। वे उन्हें छोड़ कर नहीं आ सकते। उन्होंने पीठ के समक्ष डाक्टरी प्रमाण-पत्र भी पेश किया।
जेठमलानी ने राय के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि अगर वे निजी विमान से भी दिल्ली आएं और वापस लखनऊ जाएं तो भी यात्रा में 9 घंटे का लंबा समय लगेगा। दलीलों पर नाराजगी जताते हुए पीठ ने कहा कि अदालत के हाथ भी बहुत लंबे हैं। यह सुप्रीम कोर्ट है जहां कानून का राज है। वे गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने सुब्रत राय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए कहा कि पेशी से छूट मांगने वाली अर्जी के साथ लगाया गया मेडिकल सर्टिफिकेट सहारा के ही अस्पताल का है। सर्टिफिकेट को देखने से ऐसा नहीं लगता कि उन्हें पेशी से छूट दी जाए। कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तार कर चार मार्च को दोपहर दो बजे तक सुप्रीम कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
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