बिहार चुनाव: पीएम मोदी पर राहुल गांधी का हमला, कहा- इस बार दशहरे पर पीएम मोदी का पुतला जलाया गया

पटना: बिहार में आज पहले चरण के मतदान के लिए वोटिंग जारी है, इस बीच पार्टियां अपनी अपनी रैलियां कर एक दूसरे पर निशाना साध रही हैं, इस कड़ी में कांग्रेस

पटना: बिहार में आज पहले चरण के मतदान के लिए वोटिंग जारी है, इस बीच पार्टियां अपनी अपनी रैलियां कर एक दूसरे पर निशाना साध रही हैं, इस कड़ी में कांग्रेस सांसद और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी की आज बिहार में दो रैलियां हैं। राहुल गांधी ने कहा कि, कुछ साल पहले प्रधानमंत्री यहां आए थे और उन्होंने कहा था कि ये गन्ने का इलाका, चीनी मिल चालू करूंगा और अगली बार आऊंगा तो यहां की चीनी चाय में मिलाकर पिऊंगा। क्या उन्होंने आपके साथ चाय पी?
इसके बाद राहुल गांधी ने कृषि कानूनों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि, आमतौर पर दशहरे पर रावण का पुतला जलाया जाता है लेकिन इस बार पंजाब में प्रधानमंत्री और अडाणी के पुतले जलाए गए। पंजाब में इस बार दशहरा पर रावण नहीं, नरेंद्र मोदी, अंबानी और अडाणी का पुतला जलाया गया। ये दुख की बात है लेकिन किसान परेशान हैं इसलिए ऐसा हो रहा है।
कृषि कानूनों के बाद राहुल ने रोजगार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि, नोटबंदी और तालाबंदी का मकसद एक ही थी। इसका उद्देश्य छोटे किसानों, छोटे व्यवसायों, व्यापारियों और मजदूरों को नष्ट करना था। बिहार के लोगों को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और बंगलूरू में रोजगार मिलता है लेकिन बिहार में नहीं मिलता। इसकी वजह हैं नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की कमी होना। प्रधानमंत्री मोदी दूसरे देशों के बारे में बात करते हैं लेकिन अपने देश की बेरोजगारी जैसी समस्याओं पर बात नहीं करते।
लॉकडाउन के दौरान पैदल लैटे मजदूरों का मसला उठाते हुए कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि, प्रधानमंत्री ने मजदूरों के लिए कोई इंतजाम नहीं किया। मजदूरों को पैदल भगाया गया। मैंने मजदूरों से मुलाकात की, उन्होंने बताया कि हमें कुछ टाइम दे देते तो हम घर चले जाते। इसके आगे राहुल गांधी ने कहा कि, भाजपा और पीएम मोदी झूठ बोलते हैं। पहले 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था। अब अगर प्रधानमंत्री ने यहां आकर दो करोड़ रोजगार देने की बात की तो शायद भीड़ उन्हें भगा देगी। उन्होंने कहा कि हम रोजगार देना जानते हैं, तमाम तरह के विकास करना जानते हैं लेकिन हमारे अंदर एक कमी है। मैं इस बात को स्वीकार करता हूं कि हम झूठ बोलना नहीं जानते, इस मामले में हमारा उनसे कोई मुकाबला ही नहीं है।

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