नई दिल्ली। लंबे समय तक डीएनए टेस्ट को झुठलाने के बाद आखिरकार एन.डी. तिवारी ने मान ही लिया कि रोहित शेखर उनके बेटे हैं। गौरतलब है कि साल 2008 में
नई दिल्ली। लंबे समय तक डीएनए टेस्ट को झुठलाने के बाद आखिरकार एन.डी. तिवारी ने मान ही लिया कि रोहित शेखर उनके बेटे हैं। गौरतलब है कि साल 2008 में रोहित शेखर ने एक याचिका दायर कर दावा किया था कि एन.डी. तिवारी उनके बायलॉजिकल पिता हैं।
रविवार की रात रोहित शेखर और नारायण दत्त तिवारी की मुलाकात हुई, जिसके बाद उन्होंने स्वीकार कर लिया कि रोहित शेखर उनके ही बेटे हैं। हालांकि, हाई कोर्ट के आदेश पर हुए डीएनए टेस्ट से यह पहले ही साबित हो गया था कि तिवारी ही शेखर के बायलॉजिकल पिता हैं। लेकिन, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश के गर्वनर रह चुके एन. डी. तिवारी इसे हमेशा नकारते रहे।
एन. डी. तिवारी ने न्यूज चैनल एनडीटीवी के साथ एक इंटरव्यू में भी बताया कि उन्हें कोर्ट ले जाने वाले रोहित उनके ही बेटे हैं। इस मौके पर रोहित ने भी कहा कि वह पिछली बातों को भूलकर अपने पिता के साथ वक्त बिताना चाहते हैं। गौरतलब है कि रोहित शेखर की मां उज्जवला कई साल से अपने बेटे के साथ इसके लिए लड़ाई लड़ रही थीं।
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