शत्रुघ्न सिन्हा को मिली ‘आप’ के समर्थन में बोलने की सज़ा

नयी दिल्ली। ऐसा लगता है शत्रुघ्न सिन्हा को आम आदमी पार्टी के पक्ष में बयान देने की सज़ा मिल गयी। तभी तो पहली बार शत्रुघ्न सिन्हा राज्य चुनाव अभि

नयी दिल्ली। ऐसा लगता है शत्रुघ्न सिन्हा को आम आदमी पार्टी के पक्ष में बयान देने की सज़ा मिल गयी। तभी तो पहली बार शत्रुघ्न सिन्हा राज्य चुनाव अभियान समीति से बाहर कर दिए गए। नये अध्यक्ष ने उन्हे उस 31 सदस्यीय चुनाव अभियान समिति में नहीं रखा है, जो चुनाव के लिए उम्मीदवार चुनने में अपना अहम रोल निभाती है। ज्ञात हो कि दो दिनों पहले ही सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने ‘आप’ के समर्थन में बयान देते हुए कहा था कि “जीरो से हीरो बनने की उनकी कहानी को अन्य दलों के लिए आंख खोलने वाली सफलता की कहानी साबित हुई है। इसलिए उनके कार्यों पर फैसला सुनाए जाने से पूर्व उन्हें अपनी योग्याता दिखाने के लिए समुचित समय दिया जाना चाहिए।” इसके बाद से ही पार्टी नेता उनके ऊपर अपना नाक-भौं सिकुड़ने लगे थे।
वैसे शत्रुघ्न सिन्हा को बिहार बीजेपी के चुनाव समिति से बाहर करना बीजेपी के गले हड्डी बनता जा रहा है।शुक्रवार को जारी सूची मे शत्रुघ्न सिन्हा का नाम नहीं होना चौंकाने के लिए काफी था। ऐसे में जबकि इस सूची में रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताप रूडी और शाहनवाज हुसैन समेत राज्य के तमाम बड़े नेताओं को जगह मिली है।
हालांकि शत्रुघन् सिन्हा ने अबतक अपनी नाराजगी नहीं जताई है पर सूत्रों की मानें तो माना जा रहा है कि उनकी बयानबाजी के कारण बीजेपी के भीतर उनके पर कतरने की शुरुआत हो चुकी है।
जब बड़बोले बीजेपी नेता गिरिराज सिंह से इस संबंध में बात की गयी तो उन्होंने कहा कि “मैं नहीं जानता कि उनका नाम कैसे नहीं आया, ये अध्यक्ष से पूछना चाहिए कि उन्हें क्यूँ नहीं लिया गया। इसकी वजह तो सिर्फ बिहार बीजेपी अध्यक्ष ही बता सकते हैं।” वहीं जेडी-यू के एक महासचिव कहते हैं, “शत्रुघ्न सिन्हा को पार्टी लाइन के खिलाफ बोलने की सजा मिली है। देखिए एक तो बिहारी बाबू को पार्टी लाइन के खिलाफ बयान देने की आदत है, दूसरे बीजेपी उन्हें ठिकाने लगाना चाहती थी, ऐसे मे ये हुआ तो हमें कोई आश्चर्य नहीं है।”
वैसे पिछले 22 सालों में ये पहला मौका है जब शत्रुघ्न सिन्हा इस चुनाव समिति का हिस्सा नहीं होंगे। बहरहाल शत्रुघ्न सिन्हा इस समय मुंबई में हैं पर तय है कि बिहार बीजेपी के इस फैसले ने कईयों को चौंका दिया है। अब बड़ा सवाल ये है कि क्या ये शत्रुघ्न सिन्हा के टिकट काटने का संदेश तो नहीं है? क्यूंकि ऐसा बताया जा रहा है कि पिछली बार ही इनका टिकट बड़ी मुश्किल से कन्फर्म हुआ था। अब देखना दिलचस्प होगा कि शत्रुघ्न सिन्हा इसका जवाब किस तरह से देंगे। 

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