नई दिल्ली। एक सर्वे के मुताबिक दिल्ली में आम आदमी पार्टी क्लीन स्वीप करने जा रही है। एबीपी न्यूज़ और एसी निल्सन ने लोकसभा चुनावों को लेकर दिल्ली
नई दिल्ली। एक सर्वे के मुताबिक दिल्ली में आम आदमी पार्टी क्लीन स्वीप करने जा रही है। एबीपी न्यूज़ और एसी निल्सन ने लोकसभा चुनावों को लेकर दिल्ली-एनसीआर और मुंबई ग्रेटर मुंबई के इलाकों में ओपिनियन पोल कराया जिसमें दिल्ली में 7 लोकसभा सीटों में से आम आदमी पार्टी को 6 सीटें जा रही हैं।
21 लोकसभा सीटों के सर्वे में सबसे ज़्यादा नुकसान कांग्रेस को होता दिख रहा है जिसे मात्र तीन सीटें मिल रही हैं जबकि इन्ही 21 सीटों में से 17 सीटों पर कांग्रेस और यूपीए ने जीत हासिल की थी। इसके अलावा बीजेपी को 21 में से 10 सीटें मिल रही हैं जबकि आम आदमी पार्टी को 8 सीटें।
ये सर्वे बताता है कि बीजेपी को फ़ायदा तो हो रहा है लेकिन उसके परेशानी का सबब बन रही है आम आदमी पार्टी जिसनें मेट्रो शहरों में अच्छा दबदबा बना लिया है और नए खिलाड़ी के तौर पर उभर रही है। इससे एंटी कांग्रेस हवा में बीजेपी को उन सीटों का नुकसान हो रहा है जिन सीटों आम आदमी पार्टी ले जा रही है।
इस सर्वे में पाया गया कि दिल्ली-एनसीआर और मुंबई-पुणे दोनों ही जगहों पर प्रधानमंत्री के तौर लोगों की पहली पसंद नरेंद्र मोदी ही हैं लेकिन वो अरविंद केजरीवाल से थोड़ा ही आगे दिखे। अरविंद को जहां 42% लोग पीएम के तौर पर देखना चाहते हैं वहीं नरेंद्र मोदी को 45%।
मुंबई-ठाणे में मोदी अरविंद केजरीवाल से काफ़ी आगे हैं। नरेंद्र मोदी को 51% लोग पीएम बनाना चाहते हैं जबकि यहां दूसरे नंबर पर राहुल गांधी हैं जिन्हे 22% लोग पीएम के तौर पर पसंद करते हैं जबकि अरविंद केजरीवाल को महज़ 18% लोगों ने वोट किया।
सर्वे के मुताबिक आम आदमी पार्टी को दिल्ली में 6 सीटें मिल रही हैं वो भी 57% वोट के साथ। वहीं नोएडा-गाज़ियाबाद में उन्हें 33% वोट हासिल हो रहे हैं। मुंबई-ठाणे में भी वो एक सीट जीत रहे हैं और 17% वोट हासिल कर रहे हैं। वहीं गुड़गांव-फरीदाबाद में उन्हें 21% वोट मिल सकते हैं जिससे पार्टी को दो में से एक सीट मिल सकती है।
कांग्रेस का ग्राफ न सिर्फ सीटों के मामले में बल्कि वोटों की हिस्सेदारी के मामले में भी कई इलाकों में गिर रहा है। बीजेपी का वोट प्रतिशत मुंबई, नोएडा-ग़ाज़ियाबाद और गुड़गांव-फ़रीदाबाद में बढ़ रहा है। हालांकि दिल्ली में भगवा ब्रिगेड को वोट फीसदी के मामले में नुकसान उठाना पड़ सकता है। नोएडा ग़ाज़ियाबाद में बीएसपी को भी वोटों के मामले में नुकसान झेलना पड़ सकता है और एक सीट भी गंवानी पड़ सकती है।

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