गुजरात: प्रधानमंत्री मोदी ने देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 145वीं जयंती पर 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उपस्
गुजरात: प्रधानमंत्री मोदी ने देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 145वीं जयंती पर ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पुलवामा हमले को लेकर कहा कि, जब पूरा देश पुलवामा हमले के बाद दुखी था तो कुछ लोग स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले साल पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के सच को पाकिस्तान की संसद में स्वीकर किया गया। इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे।
दरअसल, हाल ही में पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने पाकिस्तान की संसद में स्वीकार किया कि 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के लिए उनका देश जिम्मेदार है। इस हमले के बाद दोनों देश जंग के मुहाने पर आकर खड़े हो गए थे। पीएम मोदी ने
प्रधानमंत्री ने कहा कि, आज यहां जब मैं अर्धसैनिक बलों की परेड देख रहा था तो मन में एक और तस्वीर थी। यह तस्वीर थी पुलवामा हमले की। देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था, तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे। देश कभी भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कहीं गईं और कैसे-कैसे बयान दिए गए थे।
पीएम मोदी ने कहा कि, देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी। पिथले दिनों पड़ोसी देश से जो खबरें आईं हैं, जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उसने उन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है। अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं। पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति, इसका बड़ा उदाहरण है।
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