‘Greater Israel’ का रहस्य: क्या नेतन्याहू का नक्शा मध्य पूर्व को पूरी तरह बदल देगा?

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‘Greater Israel’ का रहस्य: क्या नेतन्याहू का नक्शा मध्य पूर्व को पूरी तरह बदल देगा?

1. अशांत सीमाओं के पीछे का सोची-समझी रणनीतिमध्य पूर्व की सुलगती ज़मीन पर एक ऐसी तस्वीर उभरी है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। हाल ह

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1. अशांत सीमाओं के पीछे का सोची-समझी रणनीति


मध्य पूर्व की सुलगती ज़मीन पर एक ऐसी तस्वीर उभरी है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। हाल ही में गाजा में तैनात एक इजरायली सैनिक की वर्दी पर एक ऐसा ‘बैज’ देखा गया, जो केवल एक सैन्य टुकड़ी का प्रतीक नहीं, बल्कि एक विस्फोटक राजनीतिक इरादे का खुलासा करता है। इस बैज पर अंकित नक्शा इजरायल की सीमाओं को मिस्र की नील नदी से लेकर इराक की फरात (Euphrates) नदी तक फैला हुआ दिखाता है। यह कोई आकस्मिक घटना नहीं है, बल्कि एक ‘मसीहाई कल्पना’ (Messianic vision) का एक ‘गंभीर राजनीतिक एजेंडे’ में तब्दील होने का प्रमाण है। एक वरिष्ठ खोजी पत्रकार के रूप में मेरा विश्लेषण कहता है कि बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में इजरायल अब अपनी सीमाओं की सुरक्षा से आगे बढ़कर पूरे क्षेत्र के ‘भू-राजनaitik पुनार्न निर्धारण’ (Geopolitical Reconfiguration) के एक खतरनाक मिशन पर निकल चुका है।

2. चौंकाने वाला तथ्य: 25 गुना बड़े विस्तार का मंसूबा

आंकड़ों की गहराई में उतरें तो यह विस्तारवादी मंसूबा (Expansionist Intention) किसी के भी होश उड़ा सकता है। वर्तमान में इजरायल का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्षेत्रफल लगभग 21,000 वर्ग किलोमीटर है। लेकिन ‘ग्रेटर इजरायल’ का खाका इस क्षेत्रफल को बढ़ाकर 5,00,000 वर्ग किलोमीटर तक ले जाने का है—यानी वर्तमान आकार से 25 गुना बड़ा विस्तार।

यह केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि सात संप्रभु देशों की संप्रभुता पर सीधा प्रहार है। इस नक्शे में मिस्र, जॉर्डन, लेबनान, सीरिया, इराक, सऊदी अरब और पूरे ऐतिहासिक फिलिस्तीन के बड़े हिस्से शामिल हैं। यह कोई नई योजना नहीं है, बल्कि इजरायल के गठन के समय से ही एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा रही है।

“इजरायल के पहले प्रधानमंत्री डेविड बेन-गुरियन ने 1948 में देश की आधिकारिक सीमाओं को परिभाषित करने से स्पष्ट इनकार कर दिया था। उनका मानना था कि इजरायल विभाजन की सीमाओं से बहुत आगे तक विस्तार करेगा, एक बार जब वह अपनी सैन्य और रणनीतिक ताकत बढ़ा लेगा।”

3. ‘Clean Break’ रणनीति: क्षेत्रीय विघटन का खेल

1996 में नेतन्याहू के लिए तैयार किया गया ‘ए क्लीन ब्रेक’ (A Clean Break) नीति पत्र आज के संघर्षों की असली पटकथा है। यहाँ रणनीति केवल सीधे सैन्य कब्जे की नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के ‘विघटन’ (Fragmentation) की है। इस रणनीतिक छलावे (Strategic Deception) के तीन प्रमुख स्तंभ हैं: पहला, किसी भी फिलिस्तीनी राज्य की संभावना को जड़ से खत्म करना। दूसरा, इजरायल को अंतरराष्ट्रीय दबाव के प्रति पूरी तरह अभेद्य बनाना। तीसरा, पड़ोसी देशों—विशेषकर इराक, सीरिया और लेबनान—को भीतर से इतना खोखला और अस्थिर कर देना कि वे इजरायली विस्तार को रोकने की स्थिति में ही न रहें।

इतिहास गवाह है कि इजरायल ने लेबनान में फलांगवादियों (Phalangists) और ईरान में राजशाही समर्थकों (Royalists) का उपयोग करके ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति को अंजाम दिया है। यह विघटन की प्रक्रिया ही वह पूर्व-शर्त है, जो क्षेत्रीय प्रभुत्व का रास्ता साफ करती है।

4. धार्मिक बयानबाजी: ‘अमालेक’ और ‘टोटल वार’ का औचित्य

7 अक्टूबर की घटना के बाद, नेतन्याहू ने अपने धर्मनिरपेक्ष मुखौटे को उतारकर कट्टर धार्मिक और बाइबिल संबंधी शब्दावली का सहारा लेना शुरू कर दिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से ‘अमालेक’ (Amalek) का संदर्भ दिया है। बाइबिल के अनुसार, अमालेक यहूदियों का वह प्राचीन शत्रु है जिसके विनाश का आदेश दिया गया है।

एक खोजी विश्लेषक के तौर पर यह समझना महत्वपूर्ण है कि ‘अमालेक’ का संदर्भ केवल प्रतीकात्मक नहीं है। यह युद्ध को सुरक्षा के दायरे से निकालकर एक ‘दैवीय मिशन’ में बदल देता है। यह संदर्भ विशेष रूप से खतरनाक है क्योंकि इसका उपयोग इजरायली रक्षा बलों (IDF) के भीतर महिलाओं और बच्चों तक पर हमलों को धार्मिक रूप से जायज ठहराने के लिए किया जा रहा है। यह अब केवल दो देशों का युद्ध नहीं, बल्कि एक ‘संपूर्ण विनाश’ (Total War) की मानसिकता है।

“नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कहा है कि एक फिलिस्तीनी राज्य को रोकना और ग्रेटर इजरायल का निर्माण करना उनका ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मिशन है।”

5. बेज़लेल स्मोट्रिच: ‘बिना नाम का विलय’

इजरायल के वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने 2023 में पेरिस में एक ऐसा नक्शा पेश किया जिसमें जॉर्डन को भी इजरायल का हिस्सा दिखाया गया था। लेकिन उससे भी अधिक चौंकाने वाली उनकी एक लीक हुई रिकॉर्डिंग है, जिसमें वे “बिना आधिकारिक घोषणा के विलय” (Annexation without calling it annexation) की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।

इस योजना के तहत वेस्ट बैंक (West Bank) में 10 लाख नए यहूदी बसाने वालों (Settlers) को लाने का लक्ष्य है, ताकि भविष्य में किसी भी समझौते की गुंजाइश ही न बचे। गाजा में जारी सैन्य कार्रवाई और वहां की ज़मीन को “रहने के अयोग्य” बनाना दरअसल उसी ‘जातीय सफाए’ का प्रारंभिक चरण है, जो अंततः इन क्षेत्रों को इजरायली बस्तियों के लिए खाली कर देगा।

6. ‘मुक्तिदाता’ का मुखौटा और मनोवैज्ञानिक युद्ध

नेतन्याहू द्वारा ईरान, लेबनान और गाजा की जनता को सीधे संबोधित करने वाले वीडियो संदेश एक परिष्कृत मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा हैं। यह रणनीति दो स्तरों पर काम करती है: पहला, यह संबंधित देशों की जनता में अपनी सरकारों के प्रति अविश्वास और भय पैदा करती है। दूसरा, यह पश्चिमी जगत और विशेषकर अमेरिका की ‘ईसाई लॉबी’ के सामने एक “नैतिक कवच” (Moral Shield) तैयार करती है। खुद को ‘मुक्तिदाता’ के रूप में पेश करके, इजरायल अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन और भीषण तबाही को “सभ्यता की रक्षा” के नाम पर जायज ठहराने का प्रयास करता है। यह एक ऐसा रणनीतिक ढोंग है जो बमबारी से पहले ही दुनिया की सहानुभूति बटोरने के लिए रचा जाता है।

7. निष्कर्ष: क्या मध्य पूर्व की सुरक्षा का ‘आउटसोर्सिंग’ मॉडल विफल हो चुका है?

‘Greater Israel’ अब किसी कट्टरपंथी समूह की दबी-कुचली आवाज़ नहीं, बल्कि इजरायल की वर्तमान सत्ता का वास्तविक ब्लूप्रिंट बन चुका है। ‘अब्राहम अकॉर्ड्स’ जैसे समझौतों ने अरब देशों को जो सुरक्षा का भ्रम दिया था, वह अब टूट रहा है।

आज का सबसे बड़ा और कड़वा सच यह है कि मध्य पूर्व की सुरक्षा को विदेशी शक्तियों के भरोसे “आउटसोर्स” करने की रणनीति बुरी तरह विफल रही है। दुनिया के नेताओं की चुप्पी और अरब जगत की निष्क्रियता ने इस विस्तारवादी खेल को और भी आसान बना दिया है। सवाल यह नहीं है कि क्या इजरायल का नक्शा बदलेगा; सवाल यह है कि जब मध्य पूर्व की संप्रभु सीमाओं को किसी शतरंज की बिसात की तरह फिर से उकेरा जा रहा है, तब क्या बाकी दुनिया केवल मूकदर्शक बनी रहेगी? क्या हम एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ संप्रभुता का अर्थ केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा?

AI GENERATED CONTENT

SOURCES:

https://www.youtube.com/watch?v=blc_F0_KrQo
https://www.youtube.com/watch?v=lfyy_UjIZjY
https://www.youtube.com/watch?v=X38bkTGXpo8
https://www.youtube.com/shorts/RetDP9iYG6c


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