जबलपुर। संयम और नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद उस समय अपना आपा खो दिया जब एक पत्रकार ने उनसे भाजपा
जबलपुर। संयम और नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद उस समय अपना आपा खो दिया जब एक पत्रकार ने उनसे भाजपा के पीएम इन वेटिंग नरेन्द्र मोदी के बारे में सवाल कर लिया। स्थानीय पत्रकार ने उनसे इतना पूछा था कि आपको क्या लगता है कि मोदी और केजरीवाल में से बेहतर पीएम कौन होगा जिस पर शंकराचार्य भड़क गये और उन्होंने पत्रकार को थप्पड़ मार दिया और कहा कि ‘चल हट… फालतू बात करते हो.. हमको राजनीति की बात नहीं करना है।’
इस खबर पर हो-हल्ला मचने के बाद खुद शंकराचार्य ने स्वीकारा कि हां उन्हें गुस्सा आ गया था लेकिन उन्हे मोदी के पीएम बनने पर कोई आपत्ति नहीं हैं लेकिन पहले मोदी अपना रूख तो स्पष्ट करें। वह कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार उनके काफी करीब आ गया था इसलिए उन्होंने उसे झिड़क दिया था, थप्पड़ नहीं मारा।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के साथ गुरू शंकराचार्य के बचाव में कांग्रेस पार्टी भी उतर आयी है। उसने मीडिया को ही आड़े हाथों लिया है और कहा है कि किसी धर्मगुरू से राजनीति का प्रश्न करना ही नहीं चाहिए। तो वहीं बीजेपी ने कहा कि शंकराचार्य का व्यवहार अनैतिक था, धर्म, नीति, सत्य के ध्वज वाहक होते हैं धर्माचार्य और क्षमा के प्रतीक होते हैं.।हमें उनसे ज्यादा उम्मीदें होती हैं। शंकराचार्य को सवाल का जवाब देना चाहिए था मीडिया का सवाल बेकार नहीं था।
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